बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले की 72 शराब दुकानों में से सभी में अवैध चखना सेंटर चल रहे हैं। आबकारी विभाग ने अब इनके संचालकों को कार्रवाई का भय दिखाना शुरू किया है, जिससे हड़कंप मच गया है। कोई इसे रेट बढ़ाने का षड़यंत्र बता रहा है तो बाकी इसे जायज भी ठहरा रहे हैं।

जिले में चलने वाली शराब दुकानों के आसपास पानी, गिलास और खाने - पीने के सामान बेचे जा रहे हैं, जो अवैध हैं। इससे शराब दुकानों के आसपास गंदगी रहती है और शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान भी हो रहा है। आबकारी विभाग में नए सहायक आयुक्त आने के बाद से चखना सेंटरों में खलबली मच गई है।

संचालकों को शराब दुकान से दूर हो जाने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें खदेड़ दिया गया है। संचालकों को अपने यहां शराब नहीं पिलाने की हिदायत दी गई है। इस कार्रवाई से राजनीतिक हल्के में हड़कंप मच गया है।

क्योंकि नेताओं ने अपने कई समर्थकों को चखना सेंटर दिलवाया है। कार्रवाई शुरू होने से उनके होश उड़ गए हैं। अब अधिकारी और नेताओं के बीच अंदरखाने जमकर विवाद चल रहा है। नेता समर्थक इसे रेट बढ़ाने की चाल बता रहे हैं तो अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई की बात कह रहे हैं। कुल मिलाकर चखना सेंटरों को लेकर मामला गर्म है।

शासन के नियमानुसार शराब दुकान के पास चखना सेंटर नहीं होने चाहिए। इसी के तहत हम कार्रवाई कर रहे हैं। कहीं भी नियमों का पालन नहीं होगा तो हम अपनी ड्यूटी करेंगे। विकास गोस्वामी सहायक आयुक्त, आबकारी