बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। देर रात घूमते हुए चाय पीने गए डाक्टरों ने मगरपारा चौक स्थित चाय ठेला के पास बीच सड़क पर बाइक खड़ी कर दी। इस दौरान उन्हें बाइक किनारे करने की समझाइश दी गई, तब झगड़ा करने पर उतारू हो गए। इस बीच उन्होंने अपने साथी डॉक्टरों को गुंडागर्दी करने बुला लिया।

इतने में वहां चाय ठेला लगाने वाली महिला, उसके परिजन व स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों की दौड़ा-दौड़ाकर जमकर पिटाई कर दी। हमले में आधा दर्जन डॉक्टर घायल हो गए। पुलिस ने मामले में हमलावरों पर बलवा का अपराध दर्ज कर लिया है।

सिविल लाइन पुलिस के अनुसार सिम्स के डॉक्टर जितेंद्र गिल बुधवार की रात अपने दोस्तों के साथ बाइक में सवार होकर चाय पीने निकला था। रात करीब दो बजे वह मगरपारा पहुंचा, तब चाय ठेला के सामने बीच सड़क पर बाइक खड़ी कर दी। इस पर चाय दुकान चलाने वाली महिला समेत अन्य ने बाइक हटाकर साइड में खड़ी करने को कहा। इतने में डॉक्टर नाराज हो गया और दुर्व्यवहार करने लगा।

इस पर महिला व अन्य ने भी उसकी हरकतों का विरोध किया। तब डॉ.गिल ने रौब दिखाते हुए सिम्स के अपने जूनियर डॉक्टर सरगुजा के रामानुजगंज रोड निवासी डॉ.सचिन गुप्ता पिता सुधांशु कुमार को फोन किया और अपने साथियों को लाकर इन्हें सबक सिखाने की धौंस दिखाई।

डॉक्टर के फोन करते ही महिला व युवकों ने भी स्थानीय लोगों को बुला लिया। इस बीच डॉ.सचिन, डॉ.सुरेंद्र जाट, डॉ.युगल किशोर नंदे समेत अन्य वहां पहुंच गए। उनकी हरकतों को देखकर महिला फरीदा बेगम, सलमान समेत दर्जनभर युवकों ने डॉक्टरों का कॉलर पकड़ लिया।

फिर दौड़ा-दौड़ाकर लाठी-डंडे से पिटाई करने लगे। इस दौरान उन पर पत्थर से भी हमला किया गया। स्थानीय युवकों के हावी होने पर किसी तरह डॉक्टर वहां से भागने लगे। इस घटना की सूचना उन्होंने सिविल लाइन थाने में दी।

मारपीट व हमले में आधा दर्जन लोग बुरी तरह घायल हो गए। डॉ.गुप्ता की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपित हमलावरों के खिलाफ धारा 147, 148, 294, 323, 336, 506 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। इस दौरान दूसरे पक्ष से भी मामले की शिकायत की गई। लेकिन, पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए उन्हें थाने में बैठा दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network