Bilaspur News: बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) बिलासपुर ने केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान का जबरदस्त माखौल उड़ाया है। वसंत विहार खेल मैदान में आनंद मेले का आयोजन कर मैदान के चारों ओर कचरा फैला दिया है। शराब की बोतल से लेकर बचा हुआ भोजन तीन दिनों से पड़ा हुआ है। मैदान के सामने डीएवी पब्लिक स्कूल हैं जहां बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है।

एसईसीएल के अधिकारी वैसे तो अपने कर्मचारियों से लेकर पूरे शहर को स्वच्छता का अभियान चलाकर लोगों को जागरूकता का पाठ पढ़ाते हैं। गांव से लेकर स्कूलों में जाकर साफ-सफाई और कचरा नहीं फैलाने सीख देते हैं लेकिन जब बात खुद के पालन करने की हो तब सबकुछ भूल जाते हैं। 27 एवं 28 नवंबर को श्रद्धा महिला मंडल के बैनर तले हुए इस आयोजन में शहरभर से लोग पहुंचे। महिलाओं को स्वालंबी बनाने से लेकर अनेक योजनाओं की जानकारी दी गई। खानपान के एक से बढ़कर स्टाल थे। मेले में निश्चित रूप से सभी ने आनंद उठाया। लेकिन स्टाल के पीछे पसरी गंदगी पर किसी का ध्यान नहीं गया। मेला समाप्त होने के तीन दिनों तक कचरा वैसे ही पड़ा रहा। नईदुनिया की टीम जब पड़ताल करने पहुंची तो उसके 24 घंटे के भीतर मैदान को साफ सुधरा कर दिया गया। लेकिन गंदगी के निशान अब भी मौजूद हैं।

आनंद मेले में सिर्फ लजीज खाने पीने का समान ही नहीं बल्कि शराबखोरी भी हुई है। कचरे में पड़े शराब और बीयर के बोतल इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। कई जगहों पर कचरे को आधा अधूरा जलाकर छोड़ दिया गया। हरी साग सब्जियों को भी ऐसे ही स्टाल संचालक फेंक कर चले गए। स्पष्ट है कि स्वच्छता या कचरा निदान के लिए कोई मैनेजमेंट नजर नहीं आया।

एक ओर शहरभर में प्लास्टिक का उपयोग बंद करने अपील की जा रही है वहीं आनंद मेले में काफी मात्रा में प्लास्टिक का उपयोग किया गया। कचरे के हर कुढ़े में प्लास्टिक के कप, ग्लास और प्लेट सहित अन्य समान नजर आया। पीने के लिए पानी का के बोतल तो बोरे में भरा नजर आया। यानी मेले में लोगों ने जमकर प्लास्टिक का आनंद उठाया। मैदान में कील भी पड़े मिले।

वर्जन

आनंद मेला बहुत ही शानदार रहा। मेले के कारण खेल मैदान का कायाकल्प हो गया। जिस कचरे की आप बात कर रहें हैं अभी जाकर देखें स्थिति। कचरा उठाने में वक्त तो लगता है।

डा.सनीष चंद्रा

जनसंपर्क अधिकारी,एसईसीएल बिलासपुर

Posted By: Yogeshwar Sharma

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