Bilaspur News: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाणपत्र के एक प्रमाण के रूप में चेहरा पहचानने वाली विशिष्ट तकनीक 'लाइफ सर्टिफिकेट सबमिशन के लिए खास सुविधा शुरू की है। भारत सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रकिया को लगातार आसान बनाने की कोशिश की हैं। ज्यादा उम्र होने के कारण कई लोगों की ऊंगली से निशान मशीन में नहीं आ रहा था। लेकिन अब चेहरा पहचानने वाली मशीन की सुविधा मिलने के बाद पेंशनरों ने राहत की सांस ली है।

बुजुर्ग और रिटायर्ड लोगों को अपना पेंशन पाने के लिए लाइफ सर्टिफिकेट अपने बैंक में जमा कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें बैंक के चक्कर लगाना पड़ रहा है। लेकिन उनके लिए चीजें आसान हो, इसके लिए कुछ बदलाव हुआ है। डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा शुरू हुई है। वहीं, स्टेट बैंक आफ इंडिया ने पिछले दिनों वीडियो काल के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसी क्रम में सरकार ने एक नया सिस्टम शुरू किया है। सरकार ने पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र के एक प्रमाण के रूप में चेहरा पहचानने वाली फेस मशीन की सुविधा शुरू की है। सभी पेंशनधारकों को साल के अंत में अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होता है। इस प्रमाणपत्र के आधार पर ही उन्हें आगे पेंशन जारी रखी जाती है।

भारत सरकार के इस कल्याणकारी कार्य की भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री व छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने सराहना की है। इसका सही प्रचार करने की दिशा में पेंशनरों को प्रशिक्षित किए जाने की जरूरत पर बल दिया। गत दिनों कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने इस खास तकनीक पेश करते हुए कहा है कि इससे सेवानिवृत्त एवं बुजुर्ग पेंशनभोगियों को काफी सहूलियत होगी। चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक की मदद से पेंशनधारकों के जीवित होने की पुष्टि की जा सकेगी। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद सरकार ने पेंशनधारकों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा शुरू की थी। अब चेहरा पहचानने वाली इस मशीन से उन्हें और भी मदद मिलेगी।

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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