बिलासपुर। इंडियन आयल कंपनी ने अपने रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक और बड़ी सुविधा दी है। 10 व पांच किलोग्राम की क्षमता वाले प्लास्टिक गैस सिलिंडर लांच किया है। लांचिंग के साथ ही एजेंसी संचालकों को आपूर्ति भी कर दी है। प्लास्टिक सिलिंडर की खासियत यह है कि गैस की कितनी खपत हो रही है यह भी दिखते रहेगा। कंपनी ने इस मजबूत के साथ ही पारदर्शी बनाया है।

रसोई गैस निर्माता कंपनी इंडियन आयल ने उपभोक्ता सुविधा के लिहाज से प्लास्टिक गैस सिलिंडर में रसोई गैस की बिक्री शुरू कर दी है। लोहे के 14.5 किलोग्राम के सिलिंडर के एवज में प्लास्टिक के 10 किलोग्राम के सिलिंडर में रसोई गैस लेने वाले उपभोक्ताओं को अमानत राशि जमा करनी पड़ेगी। प्लास्टिक गैस सिलिंडर के लिए कंपनी ने 3,350 स्र्पये शुल्क तय किया गया है। पुराने लोहे के सिलिंडर के एवज में उपभोक्ताओं से कंपनी ने प्रति सिलिंडर 1,450 स्र्पये शुल्क जमा कराया था।

इसके लिए शेष राशि और देनी पड़ेगी। बदले में लोहे के सिलिंडर को जमा करना पड़ेगा। इसके बाद एजेंसी संचालक द्वारा प्लास्टिक सिलिंडर में गैस की आपूर्ति शुरू कर देगा। बिलासपुर शहर के उपभोक्ताओं के लिए यह अच्छी खबर है कि इंडियन आयल कंपनी ने शहर के रसोई गैस उपभोक्तओं के लिए प्लास्टिक सिलिंडर की आपूर्ति एजेंसी में कर दी है।

16 सिलिंडर में मिलेगी सब्सिडी

सब्सिडी की राशि में भी किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने 14.5 किलोग्राम के रसोई गैस सिलिंडर के लिए प्रतिवर्ष 12 सिलिंडर की आपूर्ति करने की शर्त रखी है। 12 सिलिंडर में उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। ज्यादा खपत की स्थिति में ओपन मार्केट के हिसाब से खर्च करना पड़ेगा। इसमें सब्सिडी नहीं मिलेगी। 10 किलोग्राम के प्लास्टिक सिलिंडर का उपयोग करने पर प्रतिवर्ष 16 सिलिंडर में सब्सिडी मिलेगी। सिलिंडर की कीमत में भी किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। 14.5 किलोग्राम के लिए कंपनी द्वारा जो कीमत तय की जाती है उसी आधर पर प्लास्टिक सिलिंडर खरीदने पर कीमत देनी होगी।

हास्टलर्स के लिए पांच किलोग्राम का सिलिंडर उपयोगी

कंपनी ने हास्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा ठेले व गुमटी वालों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पांच किलोग्राम का सिलिंडर भी लांच किया है। इसके लिए अमानत राशि 2,150 स्र्पये तय किया गया है। पांच किलोग्राम के लोहे के सिलिंडर के लिए अमानत राशि 1,150 स्र्पये है।

ये है फायदा

  • सिलिंडर के पारदर्शी होने के कारण, गैस कितनी खपत हो रही है यह दिखते रहेगा। इस हिसाब से सिलिंडर मंगाने की तैयारी गृहणी करेंगी।
  • सिलिंडर माडुलर किचन की शोभा भी बढ़ाएगा।।
  • लोहे का सिलिंडर ऊंचाई में लंबा होता है। किचन के प्लेटफार्म में नहीं आ पाता। आता भी है तो निकालने के वक्त दिक्कतें आती हैं। इसकी ऊंचाई कम होने के कारण आसानी के साथ शिफ्ट हो जाएगा।
  • वजन भी कम रहेगा। आसानी के साथ इसे किचन में ले जाकर रखा जा सकता है।
  • गैस लीक होने की समस्या भी नहीं आएगी।

कंपनी ने 10 व पांच किलोग्राम का रसोई गैस सिलिंडर लांच करने के साथ ही एजेंसी संचालकों को आपूर्ति भी कर दी है। कई मायने में यह फायदेमंद है। पारदर्शी होने के कारण गैस की होने वाली खपत की जानकारी लगातार मिलती रहेगी। सिलिंडर माडुलर किचन की शोभा भी बढ़ाएगा। उपभोक्ताओं के बीच मंगलवार से प्रचार-प्रसार प्रारंभ करेंगे।

साईं प्रसाद-संचालक,साईं प्रसाद गैस एजेंसी

Posted By: Yogeshwar Sharma

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