बिलासपुर। Bilaspur News: नगर विधायक शैलेष पांडेय ने विधानसभा सत्र में राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण के बाद प्रदेश के विकास, विस्तार और भावी योजनाओं पर अपनी बात रखी। प्रदेश के सभी प्रमुख विभागों के कार्यों को बिंदुवार सदन के सामने रखा। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा चिकित्सा, कृषि, उद्योग, शहरी एवं ग्रामीण विकास, उच्च शिक्षा, खेल, कला संस्कृति सहित प्रदेश के सभी विभागों का लेखा जोखा और उपलब्धियां सदन में रखी।

आज पूरा देश कोरोना संक्रमण से संघर्ष कर रहा है और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो चुकी थी। हमारी सरकार शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश में पढ़ाई तुंहर दुआर एप के माध्यम से 22 लाख विद्यार्थियों को दो लाख शिक्षकों द्वारा आनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाई को निरंतर जारी रखा गया।

शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिये 18 हजार एवं एक हजार से अधिक आडियो पाठ अपलोड किए गए। बच्चों को विषय वस्तु को आसानी से समझाने के लिए लगभग 11 हजार से अधिक फोटो तथा अन्य पठनीय सहायक सामग्री भी अपलोड की गई है। साथ ही श्क्षिकों के द्वारा 2700 से अधिक कोर्स मटेरियल कर वेबसाइट मे अपलोड कराया गया है। विधायक पांडेय ने सदन में बताया कि पिछली सरकार के समय काल में शालेय शिक्षा की गुणवत्ता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़, देश में सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल था।

रमन सरकार के संरक्षण में प्रदेश की श्ािक्षा व्यवस्था की दुर्दशा एवं अविस्वनीयता लगातार बढ़ती जा रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार के घोषणा पत्र में किये गये वादे के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षाकर्मियों (व्याख्याता पंचायत एवं नगरीय निकाय) को अवशोशित करने का फैसला लिया गया है। इसमें ऐसे 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मियों जिन्होंने दो वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। साथ ही साथ एकजुलाई 2020 को आठ साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षाकर्मियों को भी संविलियन करने का ऐतिहासिक फैसला हमारी सरकार द्वारा लिया गया।

किसान बने जमीन मालिक

हमारी सरकार ने किसानों के हित में जो ऐतिहासिक निर्णय लिए उसमें एक टाटा स्टील प्लांट के लिए अधिगृहित जमीन को वापस लिया गया। निजी भूमि को मूल भू-स्वामी को लौटाने का भूपेश बघेल की सरकार ने निर्णय लिया। 26 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री द्वारा 30 भू-स्वामियों को किसान किताब का वितरण किया। अब तक कुल 1705 कृषकों को 1763.02 हेक्टेयर भूमि वापस कर किसान किताब का वितरण किया गया है। किसान अपने जमीन के मालिक बन गए हैं।

खिलाड़ियों के लिए सुनहरा अवसर

रायपुर में आवासीय अकादमी तथा बिलासपुर में हाकी एवं तीरंदाजी के लिए सेंटर के प्रस्ताव को भारतीय खेल प्राधिकरण ने भी मंजूरी दी है। राजधानी रायपुर में बालिकाओं के लिए आवासीय अकादमी एवं न्यायधानी बिलासपुर में तैराकी और कुश्ती प्रारंभ होने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेने प्रदेश के बाहर नहीं जाना पड़ रहा है। खेल अकादमी के लिए राज्य के कोने-कोने से खेल प्रतिभाओं का चयन किया जा रहा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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