बिलासपुर। Bilaspur News: विधानसभा में नगर विधायक शैलेष पांडेय ने बिलासपुर में चल रहे सीवरेज परियोजना का मुद्दा उठाते हुए नगरी प्रशासन मंत्री शिव डहरिया से जानकारी मांगी। इस दौरान विधायक पांडेय ने कहा कि बिलासपुर में सीवरेज परियोजना नासूर बन चुकी है। अब तक कोई सार्थक रूप सामने नहीं आया है। सालों से सीवरेज का दंश झेलते हुए शहरवासी इससे परेशान हो चुके हैं।

इस दौरान नगर विधायक पांडेय से नगरीय प्रशासन मंत्री से जानकारी मांगी कि शहर में चल रही सीवरेज परियोजना में ठेकेदार कंपनी को अब तक कितना भुगतान किया गया है। साथ ही कितने किलोमीटर पाइप लाइन डाली गई है। उन्होंने यह भी जानकारी चाही कि अनुबंध के आधार पर हाइड्रोलिक टेस्टिंग कब तक और कितनी की गई है।

साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की एमएलडी क्षमता के बारे में भी जानकारी मांगी। इस पर मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि अब तक परियोजना में ठेकेदार कंपनी को 379 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। कुल मिलाकर 235 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुबंध के आधार पर 28 फरवरी 2019 से 20 अप्रैल 2019 के बीच हाइड्रोलिक टेस्टिंग की गई थी।

मंत्री डहरिया ने जानकारी दी कि चिल्हाटी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 17 एमएलडी और दोमुहानी बूटापारा में स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 54 एमएलडी है। गौरतलब है कि बिलासपुर में चल रही सीवरेज परियोजना से शहर के लोग पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं और पूरे शहर को खोदकर छोड़ दिया गया है। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसमें कई की जान भी जा चुकी है। इसके अलावा ट्रैफिक अव्यवस्था और धूल की वजह से दमा व श्वास संबंधी बीमारी बढ़ी है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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