बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। उसलापुर रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या खत्म होने वाली है। यहां एक दिसंबर से कोच इंडिकेशन बोर्ड की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। प्लेटफार्म एक में पोल लगाए जा चुके हैं। अब केबल बिछाने के लिए गड्ढा खोदा जा रहा है। इसके बाद प्लेटफार्म दो में इस सुविधा की शुरुआत होगी। उसलापुर रेलवे स्टेशन स्टेशन को दूसरे टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। धीरे-धीरे स्टेशन का स्वरूप बदलने का काम हो रहा है। इसके साथ सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख कोच इंडिकेशन बोर्ड है। अभी तक स्टेशन में इस सुविधा का अभाव था। इंडिकेशन बोर्ड नहीं होने के कारण यात्रियों को जानकारी नहीं मिल पाती है कि ट्रेन रुकने पर कौन का कोच किस जगह लगेगा। यात्री अनुमान के आधार प्लेटफार्म पर खड़े हो जाते हैं।

ऐसे में ट्रेन के आने पर अपने कोच तक पहुंचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए तत्कालीन जीएम सुनील सिंह सोइन ने अन्य कार्यों के साथ इसे अतिशीघ्र शुरू करने का आदेश भी दिया। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई।

इधर प्रतिदिन यात्री इसकी शिकायत कर रहे हैं। इसे देखते हुए ही रेल प्रशासन ने पिछले दिनों अन्य कार्यों की तरह इसे भी पूरा करने के लिए ठेका दिया। अब प्लेटफार्म एक में पोल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही किनारे केबल बिछाने के लिए गड्ढा भी खोदा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण काम पोल लगाने का था। एक दिसंबर तक काम पूरा कर रेलवे को हैंडओवर कर दिया जाएगा।

प्लेटफार्म एक में 26 तो दो लगेंगे 24 पोल

प्लेटफार्म की लंबाई के अनुसार पोल और बोर्ड की संख्या तय की गई है। प्लेटफार्म एक में 26 पोल लगाए जाएंगे। वहीं प्लेटफार्म दो थोड़ा छोटा है। इसलिए यहां 24 पोल लगाने का निर्णय लिया गया है।

प्लेटफार्म दो में इसलिए हो रही देरी

प्लेटफार्म दो में पोल गढ़ाने के लिए गड्ढा खोदने में दिक्कत आ रही है। इसके लिए जो मशीन है वह भी ज्यादा मजबूत नहीं है। इसलिए धीरे-धीरे गड्डा खोदा जाएगा। इससे अनुमान है कि 15 दिसंबर के बाद ही यहां पोल लगाने का काम पूरा होगा। इसके सप्ताहभर बाद ही सुविधा मिल सकेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network