बिलासपुर। Bilaspur News: जांजगीर- चांपा जिले में एसडीएम को अभिहित अधिकारी का प्रभार दिया जाएगा। इससे पहले सहायक औषधि नियंत्रक का प्रभार दिया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के एसडीएम को प्रभार देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना में स्पष्ट है कि एसडीएम या डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी को ही अभिहित अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की 13 दिसंबर 2017 की अधिसूचना के अनुसार एसडीएम को अभिहित अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी देनी है। अधिकारियों ने सहायक औषधि नियंत्रकों (एडीसी) को अभिहित अधिकारी बना दिया था। तीन वर्ष पूर्व तक व्यवस्था अलग थी। अब एक बार फिर तीन साल बाद विभाग ने आदेश जारी करके एसडीएम को प्रभार दे दिया है। नई व्यवस्था से विभाग के कामकाज में तेजी आएगी साथ ही इस व्यवस्था से पुराने लंबित मामलों का निपटारा हो सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश पर इसी तरह की व्यवस्था राज्य के अन्य जिलों में भी लागू की जा रही है।

यह काम है अभिहित अधिकारी का

अभिहित अधिकारी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सैंपल की पेपर स्लिप पर हस्ताक्षर से लेकर कोर्ट में केस फाइल करते हैं। उनका मुख्य काम खाद्य पदार्थ बेचने व बनाने के लिए लाइसेंस जारी करना होता है। समय-समय पर वे मिठाई दुकान के अलावा आटा चक्की, खाद्य पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री व दुकानों पर छापा मारकर सैंपल भी लेते हैं। कर्तव्यस्थ अधिकारी के पद पर सहायक अधिकारियों की नियुक्ति की वजह से मामलों की सही तरीके से जांच नहीं हो पाती और इनमें कार्रवाई भी सही तरीके से नहीं होती। नई व्यवस्था लागू होने के बाद खाद्य मामलों में और ज्यादा कड़ाई बरती जाएगी।

Posted By: Himanshu Sharma

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