बिलासपुर। जमीन खरीदने के बाद ऋण पुस्तिका बनाने के लिए चार हजार स्र्पये रिश्वत लेते पटवारी को एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटवारी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

रतनपुर निवासी नजस्र्द्दीन अंसारी पिता निजुद्दीन अंसारी ने दुकान बनाने के लिए कुछ माह पहले तीन डिसमिल जमीन खरीदी है। इसके लिए बी-वन समेत अन्य जरूरी दस्तावेज निकालने के लिए रतनपुर के हलका नंबर 37 के पटवारी अमर दहायत ने 12 हजार रुपये की मांग की थी।

इस पर नजरुद्दीन ने पटवारी को एक हजार पांच सौ स्र्पये दिया। फिर किश्तों में दो-दो हजार स्र्पये दिया। इसके बाद से पटवारी शेष रकम के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। जमीन की रजिस्ट्री हो गई और उसने नामांतरण के लिए आवेदन किया।

तब पटवारी ने उससे बकाया स्र्पये देने कहा। तब उसने फिर से पटवारी अमर दहायत को दो हजार स्र्पये दिया। इसके बाद जमीन की ऋण पुस्तिका बनाने के लिए फिर से पांच हजार स्र्पये की मांग करने लगा। पटवारी के बार-बार रकम मांगने से त्रस्त होकर पीड़ित ने मामले की शिकायत एसीबी से कर दी।

एसीबी के अधिकारियों ने शिकायत का परीक्षण कराया। सत्यापन के बाद पटवारी से चार हजार स्र्पये में सौदा तय कराया। फिर उसे रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। इसी के तहत शुक्रवार को पीड़ित से आरोपित पटवारी से बात कराई और रकम देने के लिए उसे रंगीन नोट उपलब्ध कराया।

पटवारी ने उसे अपने ऑफिस बुलाया। उसके पीछे-पीछे एसीबी की टीम भी पहुंच गई। जैसे ही पीड़ित ने उसे चार हजार स्र्पये दिए। एसीबी की टीम वहां पहुंच गई और उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।

Posted By: Hemant Upadhyay