बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस की सख्ती के बाद भी शहर में हुक्काबार पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। जिला प्रशासन भी इसके लिए कारगर उपाय नहीं खोज पाई है। रविवार की देर शाम पुलिस ने अग्रसेन चौक-टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित कोयला हुक्का बार में दबिश दी, जहां दर्जन भर युवक - युवतियां हुक्का पी रहे थे।

शहर के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से हुक्का बार संचालित हैं। हुक्का बार संचालक नगर निगम से गुमास्ता लाइसेंस लेकर फूड जोन या होटल की आड़ में युवक - युवतियों को हुक्का परोसते हैं। हुक्काबार को लेकर हमेशा से विरोध चलता रहा है और सख्ती से कार्रवाई की मांग होती रही है।

लेकिन, हुक्का पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कोई कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। ऐसे में पुलिस भी लाचार नजर आती है। रविवार को एसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर तारबाहर पुलिस ने टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित कोयला हुक्का बार में दबिश दी।

इस दौरान बार में दर्जनभर युवकों के साथ ही करीब आधा दर्जन युवतियां हुक्का पीते मिली। पुलिस ने युवक-युवतियों को समझाइश देकर छोड़ दिया। वहीं बार संचालक रविंद्र देवांगन पिता एलपी देवांगन(23) को पकड़कर थाने ले गई। वहीं बार से हुक्का पाइप व अलग-अलग फ्लेवर के मसालों को जब्त कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में बार संचालक के खिलाफ कोटापा एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

शहर विधायक ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा

शहर विधायक शैलेष पांडेय ने पिछले दिनों विधानसभा में युवाओं में हुक्का बार की आड़ में नशे की लत डालने के मामले को उठाया। उन्होंने हुक्काबार पर प्रतिबंध लगाने के लिए ठोस व सख्त कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने शासन का ध्यान आकर्षित हुए कहा कि कॉलेज के युवक- युवतियां हुक्के की लत में पड़ रहे हैं। इससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। विधानसभा में मामला उठाने के बाद पुलिस अफसरों ने सक्रियता दिखाते हुए छापामार कार्रवाई की।

युवतियां पुलिस को बताने लगीं कानून

हुक्का बार में जन्मदिन का जश्न मनाने की आड़ में युवक-युवतियां पहुंचते हैं। रविवार की शाम पुलिस ने दबिश दी, तब बार में म्यूजिक चल रहा था। वहीं युवक - युवतियां हुक्के की पाइप में कस मार रहे थे। इस दौरान युवतियां पुलिस को उल्टा कानून का पाठ पढ़ाने लगी थीं। इस पर पुलिस ने उनके परिजन को बुलाया और समझाइश देकर उन्हें छोड़ दिया।

कश लगाते मिला आरक्षक

कोयला हुक्का बार में पुलिस ने दबिश दी, तब आइजी ऑफिस में पदस्थ आरक्षक भी मौजूद था। वह भी युवक-युवतियों के साथ मिलकर हुक्के का कश मार रहा था। पूछताछ में वह अपने परिचित की युवती का जन्मदिन पार्टी मनाने का हवाला देता रहा।