बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ब्रजराजनगर-लजकुरा और बेलपहार स्टेशन यार्ड को तीसरी व चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते गुरुवार से ट्रेनें रद्द होने के साथ आधे बीच में समाप्त हो गई। इसके चलते यात्री हलाकान रहे और पूरे समय इधर से उधर भटकने के साथ मंजिल तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक ट्रेन की जानकारी लेते रहे। ट्रेनों के प्रभावित होने का सिलसिला गुरुवार से शुरू हुआ। 58113 टाटानगर - बिलासपुर पैसेंजर झारसुगडा - बिलासपुर के बीच नहीं चली वहीं शाम को छूटने वाली 58114 बिलासपुर-टाटानगर पैसेंजर , 02410 रायगढ-संबलपुर स्पेशल एक्सप्रेस, 68737/68738 रायगढ-बिलासपुर मेमू, 22886 टाटानगर - एलटीटी अंत्योदय एक्सप्रेस के अलावा 58117/58118 झारसुगडा - गोंदिया पैसेंजर झारसुगडा से बिलासपुर और बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक रद्द रही। यही स्थिति 58111 टाटानगर - इतवारी पैसेंजर की थी। इसे झारसुगुडा - इतवारी के बीच नहीं चलाई गई। 58112 इतवारी - टाटानगर पैसेंजर इतवारी - झारसुगुडा , 58213/58214 टिटलागढ - बिलासपुर टिटलागढ - रायगढ रद्द रही। सभी प्रमुख ट्रेनें हैं और ज्यादातर यात्री इन्हीं ट्रेनों से सफर करते हैं।

पैसेंजर होने के कारण हर एक स्टेशन में ठहरती है लेकिन यात्रियों को इन ट्रेनों की सुविधा नहीं मिल पाई। कुछ यात्रियों को तो ब्लॉक या इनके परिचालन रद्द होने की जानकारी तक नहीं थी। ऐसे यात्री स्टेशन पहुंचकर ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे। बाद में उन्हें सूचना मिली तो कुछ मायूस होकर लौट गए। जिन्हें जाना जरूरी था वे एक्सप्रेस ट्रेनों को निहारते रहे। पर रद्द होने के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों के जनरल कोच की हालत बेहद बदतर थी।

नहीं थी पैसेंजर बनकर चलने की तैयारी

यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 19 दिसंबर तक 13287 दुर्ग-राजेंद्रनगर साउथ विहार एक्सप्रेस को बिलासपुर-रायगढ़ के मध्य और 18 दिसंबर 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस को झारसुगुड़ा-रायगढ़ के मध्य पैसेंजर बनकर चल रही है लेकिन नियमित एनांउसमेंट नहीं होने के कारण कई यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रेन छूटने के बाद उन्हें इसका पता चला। इसके लिए यात्री रेलवे की व्यवस्था को कोसते नजर आए।

Posted By: Nai Dunia News Network