बिलासपुर। थोक फल सब्जी व्यापारी महासंघ और किसानों ने सब्जी मंडी तिफरा की जर्जर स्थिति के खिलाफ शनिवार को मंडीे गेट पर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। टैक्स और वाहन व साइकिल शुल्क का बहिष्कार किया। उनका कहना था कि मंडी संचालक द्वारा सिर्फ शुल्क लिया जा रहा है। सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

थोक फल सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष अनिल सलूजा, थोक सब्जी व्यापारी संघ के अध्यक्ष मुकेश अघीजा, सचिव कुमार साहू, राज सोनकर ने बताया कि फल सब्जी मंडी तिफरा का साल 2014 में उद्धाटन किया गया। साल 2021 को चाटीडीह, शनिचरी और बुधवारी के सभी थोक फल सब्जी व्यापारियों ने अपना कारोबार तिफरा मंडी में स्थानांतरित कर लिया। व्यापारियों का आरोप है कि आठ वर्ष में मंडी ने व्यापारियों से शुल्क के रूप में लाखों रुपये प्राप्त की। वहीं, मेंटेनेंस के लिए एक प्रतिशत भी खर्च नहीं किया गया। मंडी में सफाई, स्ट्रीट लाइट, सड़कें, प्लेटफार्म की सीढ़ी टूट गई हैं।

शेड से पानी टपकता है। इसके अलावा और भी समस्या है। व्यापारियों ने 16 सूत्री मांगों को ज्ञापन सौंपकर पिछले महीने मंडी संचालक को 25 जून तक सुविधा देने की बात हुई थी। लेकिन अभी तक एक भी काम नहीं हुआ है। इससे त्रस्त होकर व्यापारियों व किसानों ने शांतिपूर्ण टैक्स का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। किसानों का कहा है कि हमारे द्वारा वाहन शुल्क किराया व मेंटेनेंस के रूप में मंडी को दी जाती है। उसका एक भी रुपये मंडी विकास कार्य में खर्च नहीं किया जाता है।

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जबकि मंडी में 144 व्यापारियों सहित सैकड़ों स्थानीय किसान रोज आते हैं और करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रतिदिन होता है। इस आंदोलन में थोक फल सब्जी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष अनिल सलूजा, थोक सब्जी संघ के अध्यक्ष मुकेश अघीजा, सचिव कुमार साहू, सचिव राज सोनकर, बंधु मौर्य सहित सैकड़ों व्यापारी व किसान उपस्थित रहे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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