बिलासपुर। सीमित परिवार सुख का आधार की परिकल्पना को साकार करते हुए स्वास्थ विभाग द्वारा प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा की शुरुआत सोमवार से की गई है। यह पखवाड़ा दो चरणों में मनाया जाएगा जिसमें परिवार नियोजन से संबंधित प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता गतिविधियां की जाएगी। इस बार राज्य में सास-बहु सम्मलेन पर जोर दिया जाएगा ताकि पूरे परिवार को परिवार कल्याण के महत्व को समझाया जा सके और स्वास्थय केन्द्रों पर कंडोम बाक्स को रखा जाएगा ताकि लोग खुद ही आकर इन साधनों को बॉक्स में से ले।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. राजेश पटेल ने बताया कि पखवाड़ा का प्रथम चरण 27 जून से 10 जुलाई तक जनसंख्या दंपत्ति सम्पर्क पखवाड़ा के रूप में मनाया जाएगा। जिसके तहत परिवार नियोजन के महत्व के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। इस दौरान जागरुकता कार्यक्रमों को खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी सुपरवाइजर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता मितानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीणों को जनसंख्या स्थिरीकरण से संबंधित जानकारी दी जाएगी।

साथ ही परिवार नियोजन साधनों से होने वाले लाभ भी मोबाइल मीडिया प्रचार वैन के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पखवाड़ा के दौरान लाभार्थियों को चिन्हांकित किया जाएगा और जागरूकता रथ निकालकर लोगों को परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने की अपील की जाएगी। सपर्क पखवाड़ा के अंतर्गत हितग्राहियों की सूची तैयार की जाएगी।

इस दौरान सास- बहू सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में नए गर्भ निरोधक साधनों जैसे अंतरा और छाया के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी जाएगी ताकि 11 जुलाई से पखवाड़े के दूसरे चरण में उन हितग्राहियों को परिवार नियोजन की सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।

दूसरा चरण 11 जुलाई से

डा. पटेल ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण का दूसरा चरण 11 जुलाई से 24 जुलाई तक होगा। जिसके तहत परिवार नियोजन अंतर्गत गर्भ निरोधक के अस्थायी और स्थायी दोनों ही साधन हिग्राहियों को निश्शुल्क सेवाएं प्रदान की जायेगीI इस पखवाड़ा में ब्लॉक स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले पुरुष एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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