बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। वंदे भारत ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को लजीज व्यंजन मिलेंगे। ट्रेन में यात्रियों के खानपान की तैयारी को लेकर सिकंदराबाद से आइआरसीटीसी के जीजीएम डी. नरसिंहाराव बिलासपुर पहुंचे थे। उनके साथ एजीएम कौशिक बनर्जी भी थे। दोनों अफसरों की दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन कार्यालय में सीसीएम पद्ममोहन के साथ बैठक हुई। सोमवार को मैन्यू तैयार कर लिया जाएगा। इसी के आधार यात्रियों को खानपान की सुविधा मिलेगी।

वंदे भारत ट्रेन की घोषणा बजट में हुई थी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को एक मिल गई है। इसे नागपुर से बिलासपुर के बीच चलाने की सहमति भी मिल गई है। इतना ही नहीं इस ट्रेन की संभावित समय- सारिणी भी जारी कर दी गई है। केवल परिचालन की तारीख घोषित होने का इंतजार है। इधर, इसी सप्ताह रैक भी बिलासपुर आ जाएगी। रेलवे की इन तैयारियों के बीच आइआरसीटीसी ने भी खानपान की की प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत सिकंदराबाद से आइआरसीटीसी के जीजीएम बिलासपुर पहुंचे थे। उनके यहां आने की सूचना पहले से थी। इसलिए वे बिलासपुर आने के बाद सीसीएम से मुलाकात करने पहुंचे। मालूम हो कि ट्रेन में खानपान सुविधा देने की जिम्मेदारी आइआरसीटीसी की है। इस ट्रेन के लिए उन्हें जवाबदारी सौंपी दी गई है। इसलिए अधिकारी पहुंचे थे। हालांकि मैन्यू फाइनल नहीं हुआ है पर रेलवे व आइआरसीटीसी दोनों मिलकर खास ट्रेन में खास व्यंजन देना चाहते हैं। यह कितना कारगर होगा, इसमें कुछ समय लगेगा। लेकिन यह तय है कि यात्रियों के टिकट में खानपान की शुल्क जुड़ा रहेगा, जैसा की राजधानी एक्सप्रेस में होता। चाय, नाश्ता या भोजन यात्रियों के सफर की दूर पर निर्भर करेगा। यदि कोई यात्री बिलासपुर से रायपुर तक सफर करता है तो उसे चाय-बिस्कुट देने पर विचार चल रहा है। इसी तरह दूरी बढ़ते जाने पर नाश्ता व भोजन की सुविधा मिलेगी। सोमवार को यह तय कर लिया जाएगा कि इस ट्रेन में खानपान का मैन्यू कैसा रहेगा।

आज चेन्नई जाएगी जोन की टीम

वंदे भारत ट्रेन की रैक चेन्नई स्थित आइसीएफ कोच फैक्ट्री से आएगी। वहां से रैक संभवत: सात दिसंबर को निकलेगी और बिलासपुर में दूसरे दिन आठ दिसंबर को पहुंचेगी। रैक को लाने के लिए यहां से टीम भेजी जा रही है। इसमें मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों को भेजा जा रहा है। वे जाएंगे तो रैक के संबंध में जानकारी ले सकेंगे। मेंटेनेंस बिलासपुर स्थित कोचिंग डिपो में होना है। यह अभी की तैयारी है। बाद में जब कोचिंग डिपो बन जाएगा, तब वहां मेंटेनेंस होगा।

Posted By: Abrak Akrosh

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