बिलासपुर। Bilaspur Railway News: रेलवे की एक लापरवाही के कारण हर स्टेशन में यात्रियों को परेशानी हुई। शहडोल से बिलासपुर पहुंचने वाली मेमू के कोच में गोंदिया-बालाघाट-समनापुर का बोर्ड लगा था। यात्री भ्रमित होते रहे कि यह ट्रेन कौन सी है और कहां जाएगी। स्टेशन में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसमें यात्रा की। यह समस्या उसलापुर रेलवे स्टेशन में भी देखी गई। यह ट्रेन करीब दोपहर ढाई बजे पहुंची। हालांकि इसे आना बिलासपुर था।

इसमें बोर्ड लगे थे उसे देखकर कुछ यात्री यही समझ बैठे की यह ट्रेन गोंदिया जाएगी। कुछ तो बैठ भी गए, लेकिन जब सफर करने वाले यात्रियों ने बताया कि यह ट्रेन शहडोल-बिलासपुर मेमू है तो उन्हें उतरना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि अकेले उसलापुर स्टेशन में इस तरह की समस्या नहीं हुई। जहां यह ट्रेन रुकी वहां यात्री इसी तरह भ्रमित होते रहे। छोटे स्टेशनों में उद्घोषणा की सुविधा भी नहीं है।

इसलिए वहां स्टेशन मास्टर या अन्य रेलकर्मियों से जानकारी लेनी पड़ी। करीब चार से पांच कोच में इस तरह दूसरी ट्रेन का बोर्ड लगा हुआ था। ऐसा भी नहीं कि शेष कोच में सही जानकारी का बोर्ड लगा हो। उनमें बोर्ड ही नहीं था। इसके चलते यात्रियों को परेशानी हुई। यह रेलवे की गलती का ही नतीजा है। अभी ट्रेनों का दबाव भी कम है। उसके बाद भी इस तरह की लापरवाही यात्रियों को परेशान करने वाली है। नियमानुसार यदि रैक बदलकर चलाई जाती है तो उनमें ट्रेन के नाम का बोर्ड भी लिखा जाता है ताकि यात्रियों को किसी से पूछना भी नहीं पड़े और नाम देखकर सीधे ट्रेन में सफर कर सकंे।

चेन पुलिंग के चलते दो ट्रेनें हुईं लेट

उसलापुर रेलवे स्टेशन में बुधवार को दो ट्रेनें चेन पुलिंग की वजह से देरी से छूटी। इसमें सबसे पहले दुर्ग-उधमपुर स्पेशल ट्रेन का परिचालन प्रभावित हुआ। एक तो यह ट्रेन दुर्ग से ही विलंब से पहुंची थी। इसके बाद चेन पुलिंग कर दी गई। इसके चलते 10 मिनट देरी से छूटी। यही स्थिति शहडोल-बिलासपुर मेमू ट्रेन की थी। यह ट्रेन करीब आधे घंटे देरी से उसलापुर से बिलासपुर के लिए रवाना हुई।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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