बिलासपुर। Bilaspur Railway News: टेंगनमामाड़ा के ग्राम करवा के ग्रामीण छह दिन से परेशान है। दरअसल रेलवे ने फाटक बंद कर यहां, जो अंडरब्रिज बनाया है। उसमें पानी भरा हुआ है। इसके चलते गांव एक छोर से दूसरे का संपर्क टूट गया है। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और यह कह रहे हैं कि फाटक ही सही था। कम से कम लोग आसानी से आवाजाही तो कर लेते थे।

रेलवे के सारे अंडरब्रिज का यही हाल है। लोगों को सुविधा देने की बात कहते हुए निर्माण तो करा देती है, पर निकासी को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं किया जाता है। ग्राम करवा टेंगनमाड़ा के नवनिर्मित ब्रिज का भी यही हाल है। जब इसका निर्माण हो रहा था लोगा सुकुन महसूस कर रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि बरसों पुरानी समस्या से निजात मिल जाएगी। आवाजाही में अब किसी तरह की परेशानी भी नहीं होगी।

लेकिन बारिश होते ही उनकी उम्मीदों में पानी फिर गया। खिले चेहरे मुरझा गए और अब यही सोच रहे हैं कि रेलवे फाटक ही सही था। भले यह थोड़ी-थोड़ी देर में बात हो जाता था पर खुलने के बाद आवाजाही तो प्रभावित नहीं होती थी। गांव के रमेश यादव, सचिन भारती, धीरज कैवर्त्य ओर गिरीश साहू का कहना है कि रेलवे ने तीन-तीन कर्मचारियों पंप से पानी निकालने के कार्य के लिए नियुक्त किया है। पर वह नजर ही नहीं आते। इसका परिणाम यह हो रहा है कि धीरे- धीरे ब्रिज में भरा पानी और बढ़ते जा रहा है। छह दिनों से लोग एक से दूसरे छोर तक नहीं जा पा रहे हैं। पर रेलवे और जिला प्रशासन को जरा भी चिंता नहीं है। कोई भी यहां झाककर देखने तक नहीं आया है।

पटरी पार करने का विवश, खतरा

ब्रिज में पानी भरने के बाद अब लोग आवाजाही के रेलवे ट्रैक का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा उनके पास अब कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। पर पटरी पार करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है कि यह हर कोई जानते हैं। पूर्व में रेल मंडल के अंदर कई बार घटनाएं हो चुकी है। लोगों को इसका खामियाजा तक भुगतना पड़ चुका है।

एक बस, उसके भी पहिए थमे

इस क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए एक बस भी चलती है, जो आगे अलग-अलग गांव तक जाती है। ब्रिज में भरे पानी ने लोगों की यह सुविधा भी छीन ली है। छह दिनों से बस के पहिए थमे हुए हैं। बड़ी संख्या में यात्री भी ट्रैक से उस पार आवाजाही कर रहे हैं।

Posted By: sandeep.yadav

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