बिलासपुर। Bilaspur News: जोनल स्टेशन के प्लेटफार्म एक में संचालित दवा स्टाल में दवाइयां नजर नहीं आ रही हैं। रेलवे ने जैसे ही स्टाल संचालक को बहुउद्देश्यीय स्टाल की छूट दी। उन्होंने स्टाल को खाने- पीने की चीजों से सजा दिया। चारों तरफ इसी के पैकेट नजर आते हैं। दवा यात्रियों को नजर नहीं आती है। उन्हें संचालक ने अंदर रख दिया है। जबकि बहुउद्देश्यीय स्टाल में तब्दील करते हुए रेलवे ने दोनों को रखने के निर्देश दिए थे।

स्टेशन में दो स्टालों को बहुउद्देश्यीय स्टाल के रूप में तब्दील किया गया है। एक बुक स्टाल और दूसरी दवाई दुकान। बुक स्टाल में तो ग्राहकी ठीक थी। लेकिन दवा दुकान में बहुत कम यात्री पहुंचते थे। संचालक ने इस समस्या से रेल प्रशासन को अवगत कराया। इस पर उसे बहुउद्देश्यीय स्टाल की अनुमति दी गई। यह छूट कोरोना के पहले दी गई थी। इसके बाद ग्राहकी भी ठीक हो गई।

हालांकि कोरोना के कारण अन्य स्टालों की तरह यह भी बंद हो गई, लेकिन जुलाई से जैसे ही ट्रेनों का परिचालन सामान्य हुआ। रेल प्रशासन ने सभी स्टालों को खोलने निर्देश दिए। अभी किसी भी यात्रियों को दवा की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए इस स्टाल की उपयोगिता बढ़ गई है। लेकिन स्टाल में लगे खाने- पीने के पैकेट को देखकर यात्री इसे सामान्य स्टाल समझ बैठते हैं। वैसे भी सफर के दौरान यात्री हड़बड़ी में रहते हैं। काउंटर पर रहने से यात्री आसानी से देख सकते हैं। रेलवे का इतना बड़ा अमला स्टेशन में काम करता है इसके बावजूद किसी की नजर इस पर नहीं पड़ी।

इन्होंने कहा

स्टाल के बाहर बोर्ड में बकायदा दवाई व बहुउद्देश्य स्टाल लिखा हुआ है। इससे यात्रियों को इसकी जानकारी हो जाती है। यदि दवा नहीं तो यह नियम विरुद्ध है।

पुलकित सिंघल

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, बिलासपुर रेल मंडल

Posted By: anil.kurrey

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