बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। नौ दिन बाद शुक्रवार को जोनल स्टेशन में रौनक नजर आई। ट्रेनें रद रहने के कारण स्टेशन में 21 सितंबर से सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल गिनती की ट्रेनें चल रहीं थी। ट्रेन के समय में ही यात्री स्टेशन में नजर आते हैं। पर जिस कार्य के लिए ट्रेनें रद की गई थी, वह पूरा हो गया है। इसलिए 62 ट्रेनें पटरी पर आ गई है। केवल चार ट्रेन रैक के अभाव में नहीं चल सकी। शनिवार से इनका परिचालन भी सामान्य हो जाएगा।

रायगढ़- झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन को ईब स्टेशन जोड़ने व अन्य कार्यों के चलते रेलवे ने एक साथ 66 ट्रेनें रद कर दी थी। ठीक नवरात्र में ट्रेनों का परिचालन बंद होने से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ गई थी। लोग नवरात्र में भी घर प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए नहीं जा सके। उन्हें टिकट रद कराने के साथ रिफंड लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। हालांकि अभी नवरात्र पर्व चल रहा है। ऐसे में यात्री रिजर्वेशन कराने के लिए मशक्कत कर रहे हैं, ताकि प्रसिद्ध देवी मंदिरों में दर्शन के लिए जा सके। दशहरा पर्व पर भी लोग घर जाते हैं।

ऐसे यात्रियों की भीड़ आरक्षण केंद्र में नजर आई। रिजर्वेशन केंद्र से ज्यादा भीड़ जनरल टिकट काउंटर में थी। दरअसल जितनी संख्या में यात्री रिजर्वेशन कराकर चलते हैं, उससे कहीं ज्यादा यात्री जनरल टिकट लेकर आसपास के स्टेशनों तक यात्रा करते हैं। पर रेलवे ने एक्सप्रेस के साथ लोकल ट्रेनें रद कर दी थी। जिसके चलते बिलासपुर से 100 किमी के दूरी पर स्थित स्टेशनों तक यात्रा नहीं कर पा रहे थे।

शुक्रवार को जब परिचालन शुरू हुआ तो भीड़ देखकर लगा की यात्रियों को ट्रेन की कितनी आवश्यकता है। इसका परिचालन बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जनरल टिकट काउंटर के कर्मचारी सतर्क नजर आए। जबकि पिछले कई दिनों से उनके पास काम ही नहीं था। पूरे समय खाली काउंटर में बैठे नजर आते थे। पर अब शुक्रवार की सुबह से इन कर्मचारियों के पास खाली बैठने का समय नहीं था।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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