बिलासपुर। आजादी के अमृत महोत्सव को बड़े पैमाने पर मनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने राष्ट्रीय ध्वज की सहज उपलब्धता पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी के तहत अब राशन दुकानों व सी मार्ट में तिरंगा झंडा की आपूर्ति करने का निर्णय राज्य शासन ने लिया है। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर केंद्र सरकार ने घर-घर तिरंगा लहराने का निर्णय लिया है। इसे अभियान के रूप में देशवासियों के बीच जन जागरण फैलने की योजना भी बनाई है। अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रत्येक घर में तिरंगा लहराना केंद्र सरकार का लक्ष्य है। लक्ष्य की पूर्ति के लिए तिरंगा की आपूर्ति की जा रही है।

आजादी के अमृत महोत्सव में लोगों की सहजता के साथ सहभागिता हो इसके लिए राष्ट्रध्वज की सहजता के साथ उपलब्धता हो इस दिशा में काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने डाकघरों के माध्यम से तिरंगे की आपूर्ति कराने का निर्णय लिया है। जिला मुख्यालयों में संचालित मुख्य डाकघरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित डाकघरों की शाखाओं में पर्याप्त मात्रा में तिरंगा की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार का मानना है कि ग्रामीणों को उनके गांव में ही राष्ट्रध्वज की सहजता के साथ उपलब्धता हो। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित डाकघरों की शाखाओं में तिरंगा भेजा जा रहा है।

शाखा में कार्यरत प्रभारी अधिकारियों को तिरंगा की उपलब्धता के संबंध में गांव में कोटवार के जरिए मुनादी कराने कहा गया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने अब प्रदेश में संचालित शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के राशन दुकानों व जिला मुख्यालयों व प्रमुख शहरों में संचाचित सी मार्ट में तिरंगा झंडा की बिक्री का आदेश जारी किया है। राशन दुकानों में तिरंगा की उपलब्धता के लिए खा विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। सी मार्ट में जिला व जनपद पंचायत के माध्यम से तिरंगा की आपूर्ति की जाएगी। बीपीएल व एपीएल कार्डधारकों को राशन दुकान से ही तिरंगा मिल जाएगा।

ग्राम पंचायत के जरिए गांव में बनाएंगे माहौल

ग्रामीणों को 11 से 15 अगस्त के बीच अपने घरों में तिरंगा झंडा लहराने के लिए ग्राम पंचायत के माध्यम से जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए पंचायतों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 11 अगस्त से पहले ग्रामीणों के बीच माहौल बनाने और राष्ट्रीय अभियान में शामिल होने प्रेरित करने कहा गया है। ग्रामीणों के बीच माहौल बनाने के लिए सुबह और शाम दो समय कोटवार के जरिए मुनादी कराने कहा गया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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