बिलासपुर। गोंदिया व रायगढ़ रेल दुर्घटना की जांच के लिए रेल प्रशासन ने जोन के अफसरों की टीम बनाई है। एक घटना की जांच चार सदस्यीय और दूसरे की पांच सदस्यी टीम जांच करेगी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही मामले बेहद गंभीर व लापरवाहीपूर्ण है। इसलिए जोन स्तर पर टीम अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली घटना रायगढ़ की है। 11 अगस्त को यहां पांच किलोमीटर दूर किरोड़ीमल के पास भूपदेवपुर से कोयला खाली कर रायगढ़ आ रही मालगाड़ी खड़ी थी।

इसी दौरान दोपहर करीब पौने दो बजे बिलासपुर झारसुगुड़ा रूट में ट्रेन इंजन एक और इंजन को लेकर रायगढ़ आ रहा था। उसे सिग्नल के मुताबिक दूसरे ट्रैक पर जाना था। लेकिन इंजन रुकने के बजाय धड़धड़ाते हुए खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी। हादसे में मालगाड़ी की चार बोगियां पटरी से उतर गईं। टक्कर मारने वाले डबल लाइट इंजन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। इसे लेकर जांच टीम बनाई गई है। इसके लिए चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें सीईई उदय कुमार गनवीर, सीपीटीएम यशवंत कुमार चौधरी, सीएसई एबी दभाड़े व पीसीएसओ एके जैन शामिल हैं। दूसरी घटना पहली से बड़ी है।

इसमें गोंदिया-गुदमा के बीच मंगलवार की रात 1:20 बजे बिलासपुर से राजस्थान के भगत की कोठी स्टेशन जा रही एक्सप्रेस ट्रेन ने खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में 50 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। वहीं पांच यात्रियों को गंभीर चोटें भी आई हैं। इस मामले की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। इसमें सीइएलई अशोक कुमार लभाने, सीआरएसई वेदिश धुवारे व तीन अन्य अधिकारी वहीं है, जो रायगढ़ की घटना की जांच कर रहे हैं। दोनों ही घटना की जांच के कोआर्डिनेटर पीसीएसओ एके जैन को बनाया गया है। उच्चाधिकारियों से जांच कराने का एक बड़ा फायदा यह है कि जांच में निष्पक्षता होगी और वाकई इस घटना के लिए जो दोषी है, उसके खिलाफ ही कार्रवाई होगी।

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