बिलासपुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

अनुसूचित जनजातीय आयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार साय शनिवार को अल्प प्रवास में बिलासपुर पहुँचे। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने देश में जनजातीय समाज की स्थिति, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति मामले, पूर्ववर्ती सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप और प्रदेश में आदिवासी नेतृत्व पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि यह प्रमाणित हो गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी फर्जी आदिवासी हैं।

साय ने सबसे पहले जनजातीय समाज की दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि हिंदुस्तान में जनजातियों की स्थिति ठीक नहीं है। किसी की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया जा रहा है तो किसी की नौकरी में प्रमोशन रोक दिया जा रहा है । किसी को अकारण नौकरी से निकाल दिया जा रहा है। पूरे देश में अलग- अलग तरीके से जनजातियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी जनजातियों को प्रशिक्षित करने व बेहतर शिक्षा का लाभ नहीं दिया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी के जाति मामले पर कहा कि यह प्रमाणित हो गया है कि जोगी फर्जी आदिवासी हैं। हाईपावर कमेटी ने जाति प्रमाण पत्र को निरस्त कर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्णय लिया है। जोगी लगातार मरवाही के आदिवासियों का हक मार फर्जी जाति प्रमाण के जरिए बड़े-बड़े पदों का लाभ लेते आये हैं। लिहाजा सरकार को भी संज्ञान लेकर उनकी विधायकी को शून्य कर देना चाहिए। आगे उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि दोनों पूर्व मुख्यमंत्री का तो पता नहीं,लेकिन एक पूर्व सीएम का जेल जाना तय है।

पूर्ववर्ती सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के सवाल पर कहा कि यह जांच का विषय है। जांच के बाद सरकार को निर्णय लेना चाहिए।

आदिवासी नेतृत्व को लेकर साय ने कहा कि ये जनता का विषय है । जनता और पार्टी इसे तय करे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी द्वारा दिए जाने वाले हर जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं और हमेशा पालन करते हैं। वर्ष 2003 में भी सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही । मरवाही से वे चुनाव लड़े जिसके कारण भाजपा की सरकार बनी।

Posted By: Nai Dunia News Network