बिलासपुर। Black Fungus in Bilaspur: ऐसे कोरोना मरीज जिन्हें आक्सीजन की आवश्यकता पड़ी थी और ठीक हो चुके हैं, उन्हें अब एक नई खतरनाक बीमारी ब्लैक फंगस का भी सामना करना पड़ रहा है। जिले में इसकी धमक हो गई है। सोमवार को सिम्स में चार और एक मरीज को अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है।

सिम्स में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन वार्ड बनने से पहले ही सोमवार को इसके चार संदिग्ध मरीज पहुंच गए। जैसे ही चिकित्सकों ने सभी के ब्लैक फंगस से संक्रमित होने की पुष्टि की, सिम्स प्रबंधन ने आनन-फानन में उनके लिए महज कुछ घंटों में वार्ड तैयार कर उन्हें भर्ती कर उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी। मरीजों में मोहदा रतनपुर निवासी 40 वर्षीय महिला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला निवासी 35 वर्षीय महिला और जांजगीर-चांपा के अकलतरा निवासी 50 वर्षीय पुरुष और कोरबा निवासी एक अधेड़ शामिल हैं।

उनका गहन उपचार शुरू कर दिया गया है। जिनका संक्रमण नाक से होकर आंखों में पहुंचने वाला है, उनकी स्थिति देखते हुए तत्काल आवश्यक दवाएं व इंजेक्शन से उपचार किया जा रहा है। इसी तरह अपोलो अस्पताल में विद्यानगर निवासी 40 वर्षीय महिला को भर्ती किया गया है।

अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने भी उसके ब्लैक फंगस से संक्रमित होने की पुष्टि कर दी है। वहीं अब मरीज के भर्ती होने के साथ ही जिले का स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड में आ गया है। मैदानी अमला में कार्यरत टीम को इनके संदिग्ध मरीज खोजकर तत्काल सिम्स में भर्ती कराने को कहा गया है।

तीन ने जताई आशंका

सिम्स प्रबंधन के मुताबिक जिले के अलग-अलग स्थानों से तीन मरीजों ने फोन में संपर्क किया है, जिन्होंने यह जानकारी दी है कि उनमे ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आ रहे हैं। वही इस जानकारी के आधार पर इन तीनों मरीजों को तत्काल सिम्स पहुंचकर जांच करवाने को कहा गया है। हालांकि इनके द्वारा अपना पता नहीं बताया गया है। इसके बाद भी फोन में उन्हें इसकी गंभीरता बताकर जितना जल्द हो सके सिम्स पहुंचने को कहा गया है।

20 बिस्तर का बना है वार्ड

आनन-फानन में 20 बिस्तर का वार्ड सिम्स में तैयार हो चुका है, जहां इनका गहन उपचार किया जाएगा। हालांकि यह संक्रमण फैलाने वाली बीमारी नहीं है। इसके बाद भी चिकित्सकों को उपचार के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। कोरोना वायरस से दोबारा संक्रमित होने की आशंका को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता है।

रोग से निपटने टीम तैयार, डा. पंकज को दी गई जिम्मेदारी

ब्लैक फंगस के मामले सामने आते ही इनके मरीजों के उपचार के लिए एक चिकित्सकीय टीम तैयार कर ली गई है। इसके अध्यक्ष मेडिसीन विशेषज्ञ डा. पंकज टेंभुर्णीकर को नियुक्त किया गया है। टीम में डा. नीरज शेंडे, डा. आरती पांडेय, डा. यामिनी भेड़िया, डा. सुपर्णा गांगुली, डा. सागरिका प्रधान और डा. संदीप प्रकाश को शामिल किया गया है, जो पहुंचने वाले मरीजों का उपचार करेंगे।

बढ़ेगी मरीजों की संख्या

जिले में एक महीने के दौरान 45 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से लगभग 15 से 20 हजार को आक्सीजन सपोर्ट, आइसीयू, वेंटिलेटर में रखा गया है। ऐसे यह बात तो साफ हो गई है कि इनके और मरीज भी सामने आएंगे। इस आशंका को लेकर मरीजों का उपचार करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

इन्हें हो सकता है ब्लैक फंगस

- कोविड के दौरान स्टेरायड दवा दी गई हो, इसमें केक्सामिथाजोन, मिथाइल प्रेडनिसोलोन आदि शामिल हंै।

- कोविड मरीज को आक्सीजन में या आइसीयू में रखना पड़ा हो।

- डायबिटिज नियंत्रण में न हो।

- कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दवा चल रही हो।

यह है लक्षण

- चेहरे में एक तरफ दर्द होना, सूजन आना या सून्न् होना।

- दांत में दर्द होना, दांत हिलने लगना, चबाने में दर्द होना।

- उल्टी या खांसने पर बलगम में खून का आना।

लक्षण मिलने पर यह करें

यदि ब्लैक फंगस के लक्षण मिलते हैं तो तत्काल सरकारी अस्पताल में या फिर नाक, कान, गला विशेषज्ञ, नेत्ररोग विशेषज्ञ, चेस्ट व प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ या फिर मेडिसीन विशेषज्ञ से तत्काल सलाह लें। ब्लैक फंगस की पुष्टि होते ही तत्काल अस्पताल में भर्ती हों और अपना उपचार शुरू करवाकर ही इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है।

सिम्स में चार ऐसे मरीज पहुंचे हंै, जिनकी जांच में उनके ब्लैक फंगस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। तत्काल इन मरीजों को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया गया है। अन्य आने वाले मरीजों की आशंका को लेकर उनके उपचार के लिए वार्ड तैयार कर लिया गया है।

डा. आरती पांडेय, नोडल अधिकारी, कोविड- 19 सिम्स

अस्पताल में एक ब्लैक फंगस से संक्रमित महिला को भर्ती किया गया है, जिसका उपचार किया जा रहा है।

देवेश गोपाल, पीआरओ, अपोलो हास्पिटल

ब्लैक फंगस के मरीज मिलने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। मरीजों की खोज में टीम जुटी हुई है। मिलते ही उनका उपचार शुरू कर दिया जाएगा।

डा. प्रमोद महाजन, सीएमएचओ, बिलासपुर

Posted By: sandeep.yadav

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