बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

सिम्स में मरीजों को भोजन में जली रोटियों के साथ कंकड़ मिला चावल परोसा जा रहा है। कई बार शिकायत करने पर भी प्रबंधन ने सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किया है। यही वजह है कि कई मरीजों ने सिम्स का भोजन करना छोड़ दिया है।

सिम्स में चार साल पहले रायपुर के फिलिप केटरर्स को भोजन का ठेका दिया गया था। ठेका शर्त के अनुसार मरीजों को पूरी तरह से पैक्ड हाईजिन और पौष्टिक भोजन देना है। लेकिन कुछ ही महीने में हाईजिन पेक्ड भोजन की पोल खुल गई। मरीजों को फिर से पुराने तरीके से भोजन परोसा जाने लगा। बीच-बीच में मरीजों ने इसकी शिकायत भी की। लेकिन व्यवस्था सुधरने के बजाय बिगड़ती गई। मंगलवार को मेल मेडिकल वार्ड में मरीजों को जली हुई रोटी बांटी गई। वार्ड में भर्ती तोरवा निवासी विषणु पटेल पिता सीताराम पटेल 25 साल ने बताया कि वो सांस लेने में परेशानी के चलते 15 दिनों से इस वार्ड में भर्ती है। पहले दिन दिए गए भोजन के चावल में कंकड मिला। इसके अलावा रोटी जली और सब्जी खराब थी। इसकी शिकायत उसने की थी। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। मंगलवार को फिर से जली रोटी परोस दी गई है। खराब भोजन की वजह से आधे मरीज सिम्स के भोजन से तौबा कर रहे हैं।

कई मरीजों को नहीं मिला भोजन

सिम्स में रोजाना सुबह भर्ती मरीजों की गिनती होती है और इसी हिसाब से भोजन परोसने के निर्देश ठेकेदार को दिए जाते हैं। मंगलवार को 540 मरीजों के लिए भोजन बनाया गया। लेकिन वार्डों में कई मरीजों को भोजन ही नहीं मिला। इस तरह की स्थिति रोज बनती है।

डाइट चार्ट का पालन नहीं

मरीजों की जरूरत के अनुसार डाइट चाट बनाई जाती है। इसी के अनुसारमरीजों को भोजन परोसना जाना है। टीबी के मरीज, गर्भवती महिलाओं के साथ प्रसूताओं को हाई डाइट भोजन देना है। लेकिन सिम्स में सभी मरीजों को एक ही प्रकार का भोजन परोसा जा रहा है।

अभी तक जली रोटी परोसने की शिकायत नहीं मिली है। औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता परखी जाएगी। खामी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

डॉ.आरती पांडेय

डिप्टी एमएस, सिम्स