Bilaspur News: साप्ताहिक बंद को लेकर नगर के व्यापारी अब दो खेमोें में बंट गए हैं। यही वजह है कि मंगलवार को साप्ताहिक बंद के बाद भी नगर की कुछ बड़ी व्यावसायिक प्रतिष्ठानें अपनी दुकानें खुली रखकर गुमाश्ता एक्ट विरोध किया। शिवरीनारायण नगर जिले का प्रमुख व्यवसायिक केंद्र है। कोरोना काल के दौरान करीब पांच माह पहले गुमास्ता एक्ट लागू किया गया।

जिसके तहत सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार के दिन दुकानें बंद रहती है । लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से नगर में साप्ताहिक बंद का विरोध होना शुरू हो गया है। गुमास्ता एक्ट का पहले जिन व्यापारियों ने समर्थन किया वही व्यापारी अब उसके विरोध में आ गए हैं। इसके चलते नगर के व्यापारी मंगलवार को होने वाली साप्ताहिक बंद को लेकर दो गुट में बंट गए हैं। हालांकि ज्यादातर व्यापारी साप्ताहिक बंद के पक्ष में वहीं चंद व्यापारी इसका विरोध करते हुए अपनी दुकानें खोल रहे हैं। इन व्यापारियों का कहना है कि अभी कोरोना काल के दौरान लंबे समय से दुकान बंद थी जिससे कापुी नुकसान उठाना पड़ा है।

अब बाजार जैसे तैसे शुरू हुआ है ऐसे में यदि साप्ताहिक बंद हो जाने से व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। यही वजह है कि बीते मंगलवार को नगर के कुछ बड़े कपड़ा, इलेक्ट्रानिक्स, सायकल, बर्तन, छड़, सीमेंट, होटल आदि दुकानों के संचालकों ने अपनी प्रतिष्ठानें खुली रखकर नगर में लागू गुमाश्ता एक्ट का विरोध किया। इन व्यापारियों का कहना कि सप्ताह में एक दिन दुकानें बंद रखने से महीने में चार दिन दुकानें बंद हो जाती है। ऐसे में प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन और दुकानों की किराये की राशि की व्यवस्था करने में काफी परेशानी आ रही है। इसी बात से चिंतित होकर साप्ताहिक बंद का विरोध कर रहे हैं।

नगर में ऐसे कई व्यवसायिक संस्थानें हैं जहां 10 से 15 कर्मचारी कार्य करते हैं और कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 40 से 50 कर्मचारी कार्यरत हैं । वेतन और किराया भुगतान को लेकर व्यापारियों का चिंतित रहना स्वाभाविक है। नगर में जब गुमाश्ता एक्ट लागू हुआ तो इसका स्वागत नगर के सभी व्यापारियों ने किया था यहां तक कि नगर के फूटपाथ एवं दैनिक सब्जी हटरी में पसरा एवं ठेलों पर दुकान लगाने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद रख कर साप्ताहिक बंद को पूर्ण समर्थन दिया लेकिन जब नगर के बड़े व्यवसायियों ने इस नियम का उल्लंघन किया और साप्ताहिक बंद के दिन भी अपनी दुकानें खुली रखी। वहीं अब नगर के अन्य छोटे बड़े व्यवसायी भी साप्ताहिक बंद का विरोध करने लगे हैं।

पहले थोक सब्जी व्यवसायियों ने किया था विरोध

लगभग दो माह पूर्व सप्ताहिक बंद का पहला विरोध नगर पंचायत के दुकानों में संचालित थोक सब्जी मंडी के व्यापारियों ने किया। सब्जी मंडी के इन थोक व्यापारियों ने साप्ताहिक बंद का विरोध का कारण किसानों की बाड़ी का फसल अगर मार्केट में आता है तो समानों का मूल्य स्थिर रहता है और फसल खराब नहीं होता। सब्जी रोज पैदावार होता है। अगर सब्जी रोज नहीं बेचा गया तो सब्जी खराब हो जायेगा और मार्केट में रेट नहीं मिलेगा। इससें किसानों के आर्थिक स्थिति में प्रभाव पड़ेगा।

सब्जी के व्यवसाय व खेती में एक दिन का खेल रहता है। इसी कारण से मंगलवार के दिन भी सब्जी मंडी को खुला रखा जाना जरूरी है। हालांकि नगर पंचायत सीएमओ ने इनके विरुद्ध कार्रवाई की मगर इन थोक सब्जी व्यापारियों द्वारा जिले के उच्चाधिकारी से अनुमति लेकर साप्ताहिक बंद के दिनों में भी सब्जी मार्केट खोले रहने का निर्णय लिया है।

नगर के कुछ व्यवसायी साप्ताहिक बंद के विरोध में हैं। वे इस मंगलवार को अपनी दुकानें खुली रखी थी। व्यवसायियों को समझाइश दी गई है यदि अगले मंगलवार से दुकान खोलते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

हितेंद्र यादव

सीएमओ, नगर पंचायत शिवरीनारायण

Posted By: sandeep.yadav

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