बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे टिंगीपुरी जाने वाली पगडंडी में जिस शावक की लाश मिली थी वहीं पर बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है। दो से तीन दिन पुरानी इस फोटो के आधार पर ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन इस बात की पुष्टि कर रहा है कि शावक को इसी बाघ ने मारा था। हालांकि प्रबंधन द्वारा तस्वीर साझा नहीं की गई है। पुराने रिकार्ड देखे जा रहे हैं। पिछले दिनों बाघ के शावक की सड़ी-गली लाश मिली थी।

टाइगर रिजर्व के बाहर वन विकास निगम के वनक्षेत्र में सामने आई इस घटना के बाद वन अमला सकते में था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शावक की मौत नर बाघ के हमले से होने की पुष्टि भी हुई थी। पर अभी तक किसी ने प्रत्यक्ष बाघ को नहीं देखा था। यह जरूर है कि दहाड़ लगातार सुनाई दे रही थी। लिहाजा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर घटनास्थल और इसके आसपास के एरिया में 19 ट्रैप कैमरे लगाए गए। इन कैमरों में लगे चिप को बुधवार की सुबह निकाला गया। इसके बाद चिप में आई फोटो कंप्यूटर में अपलोड की गई। इसमें बाघ की तस्वीर सामने आई। वह घटनास्थल के आसपास ही मंडरा रहा था।

बाघ की तस्वीर आने के बाद यह भी यकीन हो गया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सही है। बाघ ने शावक को मारा है। टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि उनके पास जो पुराने रिकार्ड हैं उसे खंगाला जा रहा है। इसमें यह विश्लेषण कर रहे हैं कि इसकी फोटो पहले कभी कैद हुई है या नहीं। यदि पहली बार फोटो कैद हुई होगी तो इससे बाघों की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही फोटो राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजी जाएगी।

लगे रहेंगे कैमरे, जारी रहेगी निगरानी

डिप्टी डायरेक्टर शर्मा का कहना है कि कैमरे फिलहाल नहीं निकाले जाएंगे। इसके अलावा निगरानी के लिए जिस वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है वे जांच करते रहेंगे।

जहां भैंस का हुआ शिकार, वहां लगे कैमरे

बेलगहना रेंज के एक गांव में बाघ ने भैंस का शिकार किया। इस घटना और बाघ के पंजों के निशान मिलने के बाद बुधवार को एक ट्रैप कैमरा लगा दिया गया है। बिलासपुर वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत का कहना है कि बाघ या तेंदुए के मूवमेंट को लेकर बुधवार को किसी तरह की खबर नहीं है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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