बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे में यात्रियों की खानपान व्यवस्था को सुधार करने के लिए 20 दिन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को शुरू हुए करीब पांच दिन गुजर गए हैं। पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। दरअसल पेंट्रीकार संचालक, फूड यूनियन संचालक सभी इस जांच के बारे में जानकारी है। इसलिए औचक जांच के दौरान भी कुछ खास खामियां नहीं मिल रही है।

ट्रेन हो या स्टेशन के बड़े फूड यूनिट, इनकी कमान आइआरसीटीसी के पास है। इसके मद्देनजर ही समय- समय आइआरसीटीसी के द्वारा विशेष अभियान चलाकर व्यवस्थाएं परखीं जाती है। इससे पहले 10 दिन का विशेष अभियान चलाया गया था। पर इसमें भी कुछ खास कमियां नहीं मिलीं। दरअसल अभियान के बारे में पहले ही संचालकों को जानकारी हो जाती है। इसलिए वह कमियां दूर कर लेते हैं। इस बार 20 दिन का अभियान चलाया जा रहा है। इस बार भी कोई विशेष कमी नहीं मिलने वाली।

संचालकों को अभियान के बारे में पता है। इसीलिए कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वह किसी तरह की लापरवाही, ओवरचार्जिंग या गंदगी न रखे। जांच के यही प्रमुख बिंदु है और यदि खामियां मिलीं गई, तो इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखकर ही पेंट्रीकार संचालक व स्टाल संचालक व अन्य कर्मचारियों संभलकर व्यवसाय चला रहे हैं। उन्हें मालूम है कि अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।

सिकंदराबाद से इसे लेकर विशेष निर्देश आया है, इसलिए लापरवाही या यात्रियों के खानपान में किसी तरह गड़बड़ी नहीं की जा रही है। सभी सचेत है। ऐसी स्थिति में आइआरसीटीसी चाहे कितने भी मशक्कत कर ले, पर लापरवही हुई तो वह सामने आ जाएगी। इस दौरान मुख्यालय से जुर्माने के साथ लाइसेंस रद करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि सुधार के लिए अभियान समाप्त होने के बाद भी इस तरह जांच करने की जरुरत रहेगी। इसके बाद ही व्यवस्था सुधरेगी।

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