बिलासपुर । गरियाबंद जिले से पकड़ा गया आमदखोर तेंदुआ को पकड़कर कानन पेंडारी में जू लाया गया है। हालांकि पहले इसे जंगल सफारी में छोड़ने की योजना थी। लेकिन एकाएक इसमें बदलाव हुआ और बुधवार की देर रात जू ले आए। यहां अस्पताल के पास अवलोकन कक्ष में पिंजरे बंद कर रखा गया है। जू प्रबंधन के अनुसार तेंदुआ उम्रदराज होने के बाद भी स्वस्थ है।

एक महिला व बच्चे पर हमला करने वाले तेंदुआ को गरियाबंद वन परिक्षेत्र बम्हनी के जंगल में पिंजरा लगाकर पकड़ा गया है। वापस जंगल में छोड़ना खतरा था। इसलिए जंगल सफारी में रखने की तैयार पूरी कर ली गई थी। हालांकि यहां जगह नहीं होने के कारण वन प्रबंधन निर्णय बदल दिया। मुख्यालय से जू प्रबंधन को आदेश पहुंचा। जू प्रबंधन मना तो नहीं कर सका, लेकिन उनकी चिंता बढ़ गई। वजह आदमखोर होना था। आदेश मिलने के बाद कानन में तेंदुआ को रखने के लिए व्यवस्था की गई।

रात 12 बजे के करीब तेंदुआ को कानन जू लाया गया। उस समय वनमंडलाधिकारी विष्णु नायर, अधीक्षक संजय लूथर, वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय साहू, पशु चिकित्सक डा. अजीत पांडेय से लेकर कुछ जूकीपर भी तैयारी में जुटे थे। जू लाने के बाद तेंदुआ को सुरक्षित पिंजरे में रखा गया। वह उम्रदराज है, क्योंकि उसके सारे दांत घिस चुके हैं। जू में रात्रिकालीन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को निगरानी रखने की सख्त हिदायत दी गई है। गुरुवार की सुबह डा.पांडेय ने परीक्षण भी किया। वह स्वस्थ है। यह जरूर है कि पिंजरे से बाहर निकलने के लिए भारी जद्दोजहद कर रहा है।

पर्यटकों को नहीं दिखाया जाएगा

कानन पेंडारी जू के साथ-साथ रेस्क्यू सेंटर भी है। यही वजह है कि तेंदुआ को यहां लाने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ यही रखा जाएगा। लेकिन पर्यटकों से इसे दूर ही रखेंगे।

बुधवार की रात में तेंदुआ को कानन पेंडारी जू लाया गया है। उसे क्वारंटाइन में रखा गया है। वह उम्रदराज हो चुका है। दांत पूरी तरह घिस चुके हैं। इसे देखते हुए ही आहार भी दिए जा रहे हैं। वह पूरी तरह स्वस्थ है।

विष्णु नायर, डीएफओ

Posted By: Yogeshwar Sharma

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