बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कानन पेंडारी जू में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो गई है। महीनों से बंद सीसीटीवी कैमरों को चालू किया गया है। कुछ कैमरे भी बढ़ाए गए हैं। अब 32 कैमरे 24 घंटे जू की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे।

वन विभाग का यह चिड़ियाघर बेहद संवेदनशील है। यहां 65 प्रजातियों के 500 से अधिक वन्यप्राणियों का रहवास है। वहीं प्रतिदिन दो से तीन हजार पर्यटकों की भीड़ से कानन पेंडारी गुलजार रहता है। इन सभी पर नजर रख पाना और उनकी सुरक्षा को संभालना मुश्किल है। चाहे इसके लिए कितने भी स्टाफ तैनात कर दिए जाए। वैसे भी सार्वजनिक व संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरे की बेहद आवश्यकता पड़ती है। जू प्रबंधन कुछ साल पहले इसकी पहल की थी। लेकिन बाद में मेंटेनेंस व प्राकृतिक अड़चनों के कारण कैमर व कैबल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद गिनते के ही कैमरे चल रहे थे। यही वजह है कि कई बार ऐसी गतिविधियां सामने नहीं आ पाई, जिसे कैमरे में कैद होना चाहिए था। अधिकारियों ने भी निरीक्षण के दौरान इसे सुरक्षा के लिए उचित नहीं पाया। उनके निर्देश पर जू प्रबंधन ने कैमरों को दबारा चालू कराने का निर्णय लिया। इसके साथ ही कुछ और कैमरे भी लगाने की योजना बनाई। प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त केबल से लेकर बिगड़े कैमरों को सुधरवाया। अब पिछले दो तीन दिनों से सभी 32 कैमरे चालू हो गए हैं। मानिटरिंग कक्ष कार्यालय को बनाया गया। जहां बड़े स्क्रीन की एलइडी है। उसमें सभी कैमरों में कैद हो रही गतिविधियां स्पष्ट नजर आती हैं। अधिकारी चेंबर में बैठे- बैठे जू की निगरानी कर सकते हैं। इस दौरान कोई पर्यटक वन्यप्राणियों से छेड़छाड़ या केज में खतरनाक चीजें डालने की कोशिश भी करता है तो तत्काल पकड़ा जाएगा।

संवदेनशील क्षेत्रों पर फोकस

कैमरों को लगाने से पहले उसकी आवश्यकता वाले स्थानों को चिंहित किया गया। संवदेनशील क्षेत्रों में खास फोकस किया गया है। लगभग सभी वन्यप्राणियों के केज सामने कैमरे की निगरानी है। इसके साथ ही मेन गेट से लेकर अंतिम छोर का एरिया कवर है। इसके लिए कैमरे फीड किए गए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network