बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग के प्रदेश अध्यक्ष संदीप दुबे का कहना है कि राज्य बनने के 18 साल बाद भी विभिन्न केंद्रीय अधिकरण के लिए छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश जाना पड़ता है। इससे यहां के वकीलों व आम लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। प्रदेश में ट्रिब्यूनल की स्थापना के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भूपेश बघेल ने आम जनता की मूलभूत समस्याओं को देखने हुए कई महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। इसके साथ ही योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सरलीकरण भी किया है। बावजूद इसके अब भी निचले तबके के ग्रामीण व पीड़ित लोग प्रदेश सरकार की योजनाओं से वंचित हैं। राज्य शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए विधि विभाग जिला स्तर पर न्याय विधिक शिविर का आयोजन करेगा। इसमें आने वाले पीड़ितों को लाभ दिलाने के लिए कलेक्टर के साथ ही एसडीएम के समक्ष लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ज्यादातर समस्या राजस्व विभाग से संबंधित रहते हैं, जिसमें आवास योजना, मकान का पट्टा वगैरह के साथ ही राशन कार्ड व अन्य योजनाओं से वंचित ग्रामीण भटकते रहते हैं। न्याय विधिक शिविर में ऐसे पीड़ितों की मदद की जाएगी। इसके साथ ही जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार विधिक सलाह देकर निचले व उच्च स्तर पर मुफ्त में अनुभवी वकीलों के माध्यम से विधिक सेवा का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के 18 साल बाद भी प्रदेश की जनता सेंट्रल ट्रिब्यूनल की सुविधाओं से वंचित हैं। इसके चलते अभी भी उन्हें मध्यप्रदेश जाना पड़ता है। इनमें रेल दावा अधिकरण, केंद्रीय श्रम न्यायालय, ग्रीन ट्रिब्यूनल, ऋण वसूली अधिकरण नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के विधि विभाग द्वारा आंदोलन किया जाएगा। केंद्र सरकार व संबंधित केंद्रीय मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर इसके लिए मांग की जाएगी।

क्षेत्रीय होना चाहिए कैंप कोर्ट

उन्होंने कहा कि कई ऐसे अधिकरण हैं, जिसका कैंप कोर्ट लगाया जाता है। लेकिन, इसमें भी क्षेत्रीय संतुलन का अभाव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण ट्रिब्यूनल रायपुर में है। जबकि, जमीन अधिग्र्रहण के सर्वाधिक प्रकरण जांजगीर-चांपा, रायगढ़ व बिलासपुर में हैं। उन्होंने कैंप कोर्ट को भी क्षेत्र के आधार पर बिलासपुर, बस्तर व अंबिकापुर में लगाने की आवश्यकता बताई है।

सबूत के साथ शिकायत मिलने पर किया जाएगा त्रुटि सुधार

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भी हाईकोर्ट व जिला न्यायालयों में सरकारी वकीलों की नियुक्ति में पुराने व भाजपा समर्थित वकीलों की नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस तरह से कोई शिकायत है, तो सबूत के साथ शिकायत कर संज्ञान में लाने पर इस मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष, विधि मंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के संज्ञान में लाकर त्रुटि सुधार कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाधिवक्ता की नियुक्ति का सर्वाधिकार मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित है। क्योंकि यह संवैधानिक पद है। उन्होंने सोच-समझकर निर्णय लिया है।