बिलासपुर। राजधानी में मंगलवार की सुबह से मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ है। रात से वर्षा बंद हो चुकी है। हल्की फुहारे जारी रही। सुबह से दिन खिला हुआ है सूर्य के दर्शन भी हुए। मौसम विभाग का कहना है कि आज भी हल्की वर्षा की संभावना है आसमान में मेघ बने रहेंगे।

मानसून द्रोणिका सक्रिय होने के कारण अभी वर्षा पूरी तरह से बंद नहीं हुई है। यह सिलसिला अभी निरंतर जारी रहेगा। मौसम विभाग की माने तो तेज बारिश से आज राहत जरूर मिलेगी लेकिन बारिश नहीं होगी ऐसा कहना मुश्किल है। वर्षा होने की संभावना 50 से 75 फीसद है। वही लगातार पांच दिनों से हो रही वर्षा के कारण वातावरण में पूरी तरह नमी आ गई है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 23 से 24 डिग्री के आसपास है।

बिलासपुर शहर में अब तक लगभग 12 मिलीमीटर पानी गिर चुका है जो कि अन्य तहसीलों के मुकाबले सबसे अधिक है। रतनपुर तहसील में सबसे कम पानी गिरा है। इस वर्ष जिस तरह से सावन और भाद्रपद में ताबड़तोड़ बारिश हो रही है उससे कई स्थान जलमग्न हो गए हैं खेत लबालब पानी से भरा हुआ है। कृषि विज्ञानियों की मानें तो इस बारिश से अभी धान के फसल को कोई खास नुकसान नहीं होगा लेकिन खेतों में लगातार पानी भरे रहने से दलहन की फसल को नुकसान हो सकता है। किसानों को चाहिए कि वे जल निकासी को लेकर सक्रिय रहे। बता दें कि शहर में जिस तरह से विगत दिनों बारिश हुई है उससे कई कालोनियों में स्थिति बिगड़ गई है।

कॉलोनियों में दो से टी फुट तक पानी भर चुका है। जिसके निकासी के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की एसडीआरएफ टीम लगातार लगी हुई है। प्रमुख रूप से सिरगिट्टी, अमेरी, उसलापुर,सरकंडा और तोरवा क्षेत्र शामिल है। वही मौसम में नमी आने के बाद कई घरों में मौसमी बीमारियां भी प्रवेश करने लगी है। सर्दी खांसी एवं बुखार जैसी समस्या आम है।आसमान में लगातार बादल छाए रहने के कारण कई बुजुर्गों को हाथ पैर में दर्द जैसी समस्याएं भी है। यही कारण है कि अस्पताल के ओपीडी में लगातार मरीजों की भीड़ लग रही है। हालांकि वर्षा के बीच बिलासपुर की अधिकांश सड़कें खराब हो चुकी है। सड़कों से डामर उखड़ने लगा है। कई जगह सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। जिससे राहगीरों को आने-जाने में काफी समस्याएं भी हो रही है। रात में इस वजह से सड़क दुर्घटनाओं का भय भी बना हुआ है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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