बिलासपुर। सिम्स प्रबंधन का कहना है कि स्टाफ के यूनिफार्म में नहीं होने से मरीजों व आने जाने वाले लोगों को पता नहीं चल पता कि कौन डाक्टर है और कौन वार्ड ब्वाय। इसलिए ड्रेस में रहना अनिवार्य कर दिया गया हैं। साथ ही आइ कार्ड लगाना अनिवार्य होगा। आदेश का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिम्स में 200 से ज्यादा सीनियर व जूनियर डाक्टर पदस्थ हैं। इसी तरह वार्ड ब्वाय, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की संख्या एक पाली में एक हजार से ज्यादा है।

प्रबंधन की जानकारी के मुताबिक आधे कर्मचारी और मेडिकल स्टाफ यूनिफार्म में नजर ही नहीं आते हैं। अधिकतर डाक्टर और वार्ड ब्वाय जींस व टी-शर्ट पहनते हैं। वे अपना आइ कार्ड भी नहीं लगाते हैं। ऐसे में पता ही नहीं चल पाता है कि कौन सिम्स का स्टाफ है और कौन नहीं है।

कई बार डाक्टर को मरीज व उनके स्वजन पहचान में नहीं आते हैं। इससे उन्हें परेशानी होती है। इस समस्या को देखते हुए डीन डा. केके सहारे ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी स्टाफ ड्यूटी में बिना यूनिफार्म के नहीं आए। डाक्टर एप्रान और अन्य स्टाफ अपने लिए निर्धारित यूनिफार्म को अनिवार्य रूप से पहनें।

दुर्व्यवहार नहीं होगा बर्दाश्त

डीन ने अपने निर्देशित में यह भी साफ किया है कि अब मरीज के स्वजन के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डा. सहारे ने पिछले दिनों वार्ड का निरीक्षण किया था। उन्होंने भर्ती मरीजों से भी बातचीत की थी। इस दौरान मरीजों ने डाक्टर व स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी। इसके अलावा शिकायतें भी मिल रही थीं।

नर्सों पर रहेगी नजर

दुर्व्यवहार की सबसे ज्यादा शिकायतें नर्सों से जुड़ी हुई हैं। वे मरीज और उनके स्वजन की समस्या सुनने के बजाय फटकार लगाने लगती हैं। इसमें ज्यादातर वरिष्ठ नर्सें शामिल हैं। अब इनके व्यवहार पर विशेष नजर रखी जाएगी।

Posted By: anil.kurrey

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