Chhattisgarh Chit Fund Scam: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला प्रशासन अब तक चिटफंड कंपनियों से निवेशकों की रकम वसूल नहीं पाया है। इधर फिर से प्रदेश भर के निवेशक अपने स्र्पये वापस पाने के लिए सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं। बिलासपुर जिले से बड़ी संख्या में लोगों ने अलग-अलग कंपनियों में स्र्पये लगाए हैं। जिले से बीएन गोल्ड कंपनी में करोड़ों रुपये जमा हैं। साल 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने घोषणा पत्र में निवेशकों का पैसा वापस दिलवाने का वादा किया था। लेकिन चार साल बाद भी निवेशकों का हाथ खाली है। परेशान निवेशक सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।

निवेशकों की शिकायत पर सीएम भूपेश बघेल ने कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया था। साथ दोषी डायरेक्टरों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। चिटफंड कंपनी में सबसे ज्यादा किसान फंसे हैं। कंपनियों के कई एजेंट गांव-गांव में नियुक्त किए गए थे। सभी को दोगुना पैसा दिलवाने का झांसा देकर लाखों किसानों से जमा पूंजी निवेश करा दिए। मेच्योरिटी का समय होने से पहले कंपनी के डायरेक्टर कार्यालयों को बंद कर फरार हो गए। इसके बाद निवेशकों को धोखाधड़ी के बारे में पता चला। इस बीच राज्य सरकार ने निवेशकों को रकम वापस दिलवाने के लिए पूरे प्रदेश भर में आवेदन जमा करवाए थे। बिलासपुर से भी बड़ी संख्या में आवेदन मिले। आवेदन जमा होने के चार माह बाद भी निवेशकों को राशि नहीं मिली। सभी निवेशक इस दिवाली पर रकम मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन कोई फायदा नहीं मिला।

क्या है मामला

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2010 से 180 से अधिक चिटफंड कंपनियों ने राज्य के अलग-अलग जिलों में अपना कारोबार शुरू किया था, जो वर्ष 2017 तक चला। निवेश के एवज में दो से तीन गुना ज्यादा रकम और आकर्षक ब्याज का लालच देकर किसानों से उनकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा जमा करा लिया। शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आकर्षक ब्याज भी दिया। इसके बाद कंपनियों के कर्ताधर्ता निवेशकों की जीवनभर की कमाई का बड़ा हिस्सा हड़प कर फरार हो गए।

फैक्ट फाइल

- छग में निवेश करने वाली चिटफंड कंपनी --- 180

- निवेशक --- 32 लाख पांच हजार 653

- पालिसी --- 32 लाख

- निवेशकों की डूबी राशि --- 50 हजार करोड़

- चिटफंड कंपनियों के एजेंट --- एक लाख 60 हजार

आवेदन में मांगी गई थी ये जानकारी

- चिटफंड कंपनी का नाम

- राशि जमा करने की तिथि

- एजेंट का नाम जिसके माध्यम से राशि जमा की गई। एजेंट का मोबाइल नंबर व स्थाई पता

- पालिसी बांड, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की फोटोकापी

- कितनी किस्तों में राशि जमा की गई

- कुल जमा राशि का विवरण

Posted By: Abrak Akrosh

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