बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर चीफ जस्टिस एके गोस्वामी व जस्टिस गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। डिवीजन बेंच ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता के पति को 26 अक्टूबर को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने अपनी सास व देवर पर पति को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। बिलासपुर स्थित गौरी गणेश कालोनी निवासी आस्था पांडेय ने वकील अश्वनी शुक्ला के जरिए हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर पति को सास व देवर के चंगुल से छुड़ाने की गुहार लगाई है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि 19 मई 2020 को शुभम विहार निवासी अमित पांडेय से उसकी शादी हुई। शादी के बाद सास और देवर उन्हें तंग करने लगे। प्रताड़ना से तंग आकर वे अपने मायके में रहने लगीं। पति अमित भी उसके साथ रहने के लिए आ गए थे। दोनों साथ-साथ रह रहे थे। याचिका के अनुसार 12 अक्टूबर को पति ड्यूटी करने के लिए रामदुलारे स्कूल निकले। उसके बाद वापस नहीं लौटे। घर नहीं लौटने पर उसने सिविल लाइन थाने में पति को खोजन की गुहार लगाई। शिकायत को नजरअंदाज किए जाने पर वे पुलिस अधीक्षक के पास गईं।

पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रक्षा टीम को उसके पास भेजा व पति की तलाश शुरू की। जब वह रक्षा टीम के साथ अपनी ससुराल गई तब घर में ताला जड़ा हुआ था। रक्षा टीम की जानकारी देने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने 16 अक्टूबर को गुमशुदा का मामला दर्ज किया। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एके गोस्वामी व जस्टिस गौतम भादुड़ी के डिवीजन बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर याचिकाकर्ता के पति को 26 अक्टूबर को कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हंै। अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 26 अक्टूबर की तिथि तय कर दी है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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