बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)।Chhattisgarh Highcourt News: रायपुर नगर निगम के आयुक्त ने बीते सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया था कि वीआइपी कॉलोनी रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के अधिकार क्षेत्र में आता है। बंधक जमीन के बारे में आरडीए के अफसर ही विस्तार से जानकारी दे पाएंगे। निगम कमिश्नर के जवाब के बाद कोर्ट ने आरडीए को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा था। सोमवार को आरडीए ने जवाब पेश करने के लिए समय मांग लिया। कोर्ट ने दो सप्ताह की मोहलत दी है।

रायपुर वीआइपी कॉलोनी निवासी विकास गोयल ने वकील प्रतीक शर्मा के जरिए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि रायपुर में प्रमिला गृह निर्माण सहकारी समिति ने वीआइपी कॉलोनी विकसित की है। इसमें वर्षों से लोग रहते आ रहे हैं। नगर निगम को संपत्ति कर सहित अन्य करों की अदायगी भी कर रहे हैं।

सेवा शुल्क लेने के बाद भी रायपुर नगर निगम द्वारा कॉलोनी में बुनियादी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। याचिका के अनुसार कॉलोनीवासी जब समिति से बात करते हैं तो वह रायपुर नगर निगम द्वारा विकास कार्य कराने की बात कह देते हैं। निगम से संपर्क करने पर हाउसिंग सोसायटी की जिम्मेदारी बता देते हैं।

जनहित याचिका पर कार्यकारी चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस रजनी दुबे की युगलपीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने बताया कि कॉलोनी में कई बंधक प्लाट रखे गए हैं नगर निगम द्वारा इसका इस्तेमाल विकास के लिए हो सकता है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर शपथ पत्र में इस बात की जानकारी देने कहा है कि कॉलोनी में कितने खाली प्लाट बचे हुए हैं।

इस कॉलोनी का विकास कैसे करेंगे। बीते सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त ने कॉलोनी को आरडीए से संबंधित होना बताया था। निगम आयुक्त के जवाब के बाद याचिकाकर्ता ने आरडीए को पक्षकार बनाने याचिका में संशोधन किया, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

Posted By: anil.kurrey

NaiDunia Local
NaiDunia Local