बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: नारायणपुर जिले में नक्सलियों से मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन नहीं देने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पुलिस महानिदेेशक को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं के मामले पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। रोहित कुमार बेसरा नारायणपुर, जगेंद्र कुमार उइके बालोद, धनकुमार लकड़ा लैलूंगा, विजय नेताम नारायणपुर, ब्रजेश कुमार यादव बलिया उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। सभी पुलिस व एसटीएफ में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं।

उन्हें बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित नारायपुर जिले के एर्पानार में भेजा गया था। 24 जनवरी 2018 को नक्सलियों से मुठभेड़ में टीम ने कई नक्सलियों को मार गिराया था। आपरेशन की सफलता व उनकी बहादुरी को देखकर सम्मानित किया गया। साथ ही वीरता दिखाने पर उनके नाम की आउट आफ टर्न प्रमोशन के लिए अनुशंसा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकृत सूची भी जारी की। इस टीम में शामिल पुलिस के बड़े अफसरों को इनाम मिल गया।

लेकिन, पुलिस मुख्यालय में याचिकाकर्ताओं की पदोन्न्ति के प्रकरण को लटका दिया गया। परेशान आरक्षकों ने अधिवक्ता पुनीत रूपारेल के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें गृह सचिव के साथ ही पुलिस महानिदेशक को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में प्रविधान के अनुसार सभी याचिकाकर्ताओं को नियमानुसार पदोन्न्ति देने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पी. सेम कोशी की सिंगल बेंच ने पुलिस महानिदेशक को 90 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं के पदोन्न्ति प्रकरण का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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