बिलासपुर। Bilaspur News: सिम्स में मारपीट की घटना और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव पंकज सिंह पर दर्ज जुर्म के विरोध में शहर विधायक शैलेष पांडेय के नेतृत्व में समर्थकों ने सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर दिया था। विधायक की टिप्पणी को संज्ञान में लेते हुए गुरुवार को आनन फानन में शहर कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी। बंद कमरे की बैठक में विधायक पांडेय को छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी की बैठक में पारित किए गए प्रस्ताव की प्रति दिल्ली से लेकर रायपुर तक भेज दी गई है।

शहर कांग्रेस कमेटी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के बीच से ही सवाल उठ रहा है कि इस तरह के प्रस्ताव का क्या औचित्य है। शहर व जिला कांग्रेस कमेटी के दायरे में विधायक के खिलाफ अनुशासन का मामला आता ही नहीं है और इस समिति को पार्टी संविधान के तहत अधिकार भी नहीं है। सिम्स की घटना के बाद से ही शहर व जिले की राजनीति कुछ ज्यादा ही गरमाई हुई है।

अटकलबाजी का दौर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। दिग्गज कांग्रेसी नेता जो मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए बीच का रास्ता अख्तियार कर चल रहे हैं इनके बीच भी चर्चा हो रही है कि शहर कांग्रेस को ऐसा निर्णय क्यों लेना पड़ा जो उनके अधिकार क्षेत्र में ही नहीं है। अटकलें तो यह भी लगाई जा रही हैं कि एक खेमे के आक्रामक राजनीति पर अंकुश लगाना और अनुशासन के दायरे में बांध कर रखना वजह है।

अब क्या होगा

शहर कांगे्रस कमेटी के निष्कासन संबंधी प्रस्ताव मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस पर चर्चा करेगी। इसके बाद इसे अनुशासन समिति के हवाले किया जाएगा। अनुशासन समिति आगे की प्रक्रिया करेगी। दोनों पक्षों से चर्चा का दौर शुरू होगा। शहर कांग्रेस कमेटी ने जिन बातों को आधार बनाकर कार्रवाई की है समिति के समक्ष साक्ष्य पेश करना होगा। अनुशासन समिति अनुशंसा के साथ अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेजेगी। आगे की कार्रवाई एआइसीसी के हवाले कर दी जाएगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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