बिलासपुर। Chhattisgarh High Court News: जशपुर जिले में आदिवासियों की संरक्षित प्राचीन मूर्तियों के चोरी होने के मामले में केंद्र व सीबीआइ ने जवाब के लिए समय ले लिया है। इस पर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय देते हुए जनहित की याचिका की सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की है। आदिवासियों की परंपरा व प्राचीन मूर्तियों की लगातार चोरी की घटना को देखते हुए आदिवासियों की संस्था सरहुल सरना महोत्सव जशपुर ने एक जनहित याचिका दायर की है।

इसमें बताया गया है कि जिले के विभिन्न् गांवों में आदिवासियों के पूर्वज अपनी परंपरानुसार धार्मिक अनुष्ठान करते रहे हैं। तब उन्होंने देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की थीं। उनकी यह प्राचीन मूर्तियां सैकड़ों साल पुरानी है, जिसे संरक्षित कर रखा गया था। क्षेत्र से प्राचीन मूर्तियां गायब हो गई हंै। इन मूर्तियों के चोरी होने पर स्थानीय आदिवासियों में आक्रोश है। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्थानीय प्रशासन से भी की।

लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों के विरोध के बाद कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ व तहसीलदार द्वारा बताया गया कि शासन के निर्देश पर मूर्तियों को उठवाया गया है। याचिका में मूर्ति चोरी के इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। इस प्रकरण की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य शासन, कलेक्टर के साथ ही केंद्र व सीबीआइ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इस बीच राज्य शासन की तरफ से जवाब प्रस्तुत किया गया और बताया कि मूर्तियों को हटवाने में राज्य शासन की कोई भूमिका नहीं है।

वहीं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का आरोप था कि जिला पंचायत सीईओ व तहसीदार ने ग्रामीणों के समक्ष बताया है कि कलेक्टर के आदेश पर मूर्तियों को उठवाया गया है। हाई कोर्ट में बुधवार को इस प्रकरण की सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र व सीबीआइ की तरफ से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया, जिस पर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय देते हुए मामले की सुनवाई 15 सितंबर निर्धारित की है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local