Chhattisgarh High Court: बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देशों की राज्य शासन के आला अधिकारी लगातार अवहेलना कर रहे हैं। न्यायदान की प्रक्रिया में अफसर लगातार बाधा खड़ी कर रहे हैं। परेशान याचिकाकर्ता अपने वकील के जरिए दोबारा न्यायालय की शरण में जा रहे हैं। न्यायालयीन आदेश की अवेहलना का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालंे तो छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में न्यायालयीन अवमानना के तकरीबन साढ़े हजार मामले दर्ज हैं। इनमें राज्य शासन के मुख्य सचिव से लेकर विभिन्न् विभागों के विभाग प्रमुख शामिल हैं।

नोटिस को भी गंभीरता से नहीं ले रहे अधिकारी

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के बाद रायगढ़ के याचिकाकर्ता शिक्षकों को एरियर्स का भुगतान करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के बाद भी जब याचिकाकर्ताओं को राहत नहीं मिली तब याचिकाकर्ताओं ने अवमानना याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस पी सैम कोशी की सिंगल बेंच में हुई। जस्टिस कोशी ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव के अलावा रायगढ़ के जिला शिक्षाधिकारी व जिला पंचायत सीईओ को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हंै।

जिला शिक्षाधिकारी राजनादगांव को भारी पड़ा अवहेलना

राजनादगांव के जिला शिक्षाधिकारी को हाई कोर्ट के निर्देश की अवहेलना करना भारी पड़ गया है। न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के आरोप में कोर्ट ने जिला शिक्षाधिकारी के विस्र्द्ध चार्ज फ्रेम करने के निर्देश दिए हंै। डोंगरगढ़ में हेड मास्टर के पद पर पदस्थ दाताराम की मौत के बाद पुत्र योगेंद्र वर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन पेश किया था। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद भी जब नियुक्ति नहीं मिली तब याचिकाकर्ता ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना याचिका पेश की है।

वर्ष पेश याचिका निराकृत लंबित मामले पूर्व के लंबित मामले

दिसंबर 2015 74 45 391 362

दिसंबर 2016 61 54 637 360

दिसंबर 2017 48 40 433 425

दिसंबर 2018 86 40 743 697

दिसंबर 2019 126 74 994 942

दिसंबर 2020 84 33 1510 1459

दिसंबर 2021 114 45 1988 1919

दिसंबर 2022 161 116 2299 2254

Posted By: Manoj Kumar Tiwari

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