बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Chhattisgarh Panchayat Election 2020 त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में अधिकारियों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दी है। नामांकन के बाद रिटर्निंग अफसर ने उम्मीदवार तो बना दिया,लेकिन चुनाव चिन्ह ही आवंटित नहीं किया। प्रत्याशी को समझ ही नहीं आ रहा था कि वह कौन से छाप के लिए लोगों से वोट मांगे।

शिकायत मिलने पर आनन-फानन में मंगलवार को चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। अधिकारी अब कार्रवाई के बजाय मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं।

मामला मस्तूरी विकासखंड के ग्राम इटवा का है। यहां वार्ड क्रमांक सात से पंच पद की उम्मीदवार मीना बाई को चुनाव चिन्ह ही नहीं मिला था। इसके कारण उनका प्रचार ठप पड़ गया है। बाकी उम्मीदवार जहां प्रचार के लिए अपना झंडा, बैनर लगाए हुए हैं वहीं इस उम्मीदवार के पास घर बैठने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। लोगों से वोट मांगे तो किस छाप पर। इधर अधिकारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। अब जब मतदान की तारीख करीब आई तब अधिकारियों को इसकी खबर मिली।

इसके बाद मंगलवार को आनन-फानन में पंच प्रत्याशी को फोन करके बताया गया कि उसे सीढ़ी छाप दिया गया है। इस तरह प्रचार में महिला उम्मीदवार प्रतियोगी से पिछड़ चुकी है। इसी इटवा गांव के दूसरी प्रत्याशियों राधिका पटेल, दुुर्गा मरावी, दिलकुंवर यादव को भी विलंब से चुनाव चिन्ह मिला है। गौरतलब है कि नौ जनवरी को प्रतीक चिन्ह का आवंटन करना था। 12 दिन बीत जाने के बाद भी लापरवाही की हद यह है कि उम्मीदवार को चुनाव चिन्ह नहीं मिला था। ऐसी स्थिति में अब इस पंचायत का चुनाव स्थगित होने की चर्चा है।

उम्मीदवार से पावती लेना अनिवार्य

नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों को प्रतीक चिन्ह का आवंटन किया जाता है। पंच के लिए निर्वाचन के नियम आठ क के तहत प्रतीक चिन्ह देकर उसे सार्वजनिक रूप से चस्पा करना होता है। इसमें प्रतीक चिन्ह का छाप और उसका नाम हिंदी और अंग्रेजी में होना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवार को उसके चुनाव चिन्ह से संबंधित एक कापी देकर पावती लेने का भी नियम है। ऐसा नहीं करना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इससे अब पंचायत का चुनाव स्थगित होने की चर्चा है।

लोरमी में तहसीलदार हुए थे सस्पेंड

मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड में रिटर्निंग अफसर और तहसीलदार एमएन चंद्रा चुनाव चिन्ह आवंटित किए बिना ही कार्यालय छोड़कर चले गए थे। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया था। अब जिले के मस्तूरी विकासखंड से दूसरा उससे भी गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिसमें राज्य निर्वाचन कार्यालय को एक पंच के लिए फिर से चुनाव कराने की नौबत आ रही है।

चुनाव चिन्ह देना अधिकारी की जिम्मेदारी

चुनाव चिन्ह आवंटन करके उसकी लिखित में सूचना देकर उसकी एक प्रति लेने की जिम्मेदारी निर्वाचन अमले की है। ऐसा नहीं करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। अधिकारी अपनी इस लापरवाही को मानने के बजाय अब उम्मीदवार द्वारा शिकायत नहीं करने की बात कहकर मामला दबाने में लग गए हैं। जबकि उनके कारण पंच का चुनाव निरस्त होने का खतरा पैदा हो गया है।

इनका कहना है

पंच को चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं करने का मामला गंभीर है। इसमें जांच के लिए मस्तूरी एसडीएम को निर्देशित किया गया है। उनकी रिपोर्ट के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।

अमित गुप्ता उप-जिला निर्वाचन अधिकारी

इटवा गांव में चार नहीं एक पंच को चुनाव चिन्ह नहीं मिला था। प्रत्याशी को फोन पर बता दिया कि उन्हें सीढ़ी छाप चुनाव चिन्ह मिला है। संबंधित पंच ने अब तक इसकी शिकायत नहीं की है। जांच करेंगे आखिर ऐसा क्यों हुआ।

मोनिका वर्मा एसडीएम मस्तूरी

Posted By: Nai Dunia News Network

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