बिलासपुर,नईदुनिया प्रतिनिधि। राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार देखने को मिल रहा है जब व्याख्यान माला आयोजित करने के लिए आवंटित सरकारी सभाकक्ष को विभागीय अधिकारी ने आयोजन तिथि के ठीक एक दिन पहले देने से इनकार कर दिया है। जल संसाधन विभाग के ईई ने पत्र जारी कर आयोजन समिति को आवंटन रद करने के संबंध में जानकारी देने कहा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा देशभर के अलग-अलग प्रकल्पों व संगठनों के माध्मय से संगठनात्मक गतिविधियों के अलावा राष्ट्रीय हितों से संबंधित विषयों के प्रचार प्रसार के लिए अभियान चलाया जाता है। इसी में से एक प्रकल्प श्री सुदर्शन प्ररेणा मंच है। प्रदेश के सभी जिलों में प्रेरणा मंच का गठन किया गया है। मंच द्वारा प्रतिवर्ष ज्वलंत विषयों और मुद्दों पर प्रमुख वक्ताओं को आमंत्रित किया जाता है। व्याख्यान माला के तहत राष्ट्रीय मुद्दों पर जनजागरण तो चलाया जाता है साथ ही लोगों को सचेत भी किया जाता है। इसी कड़ी में सोमवार 18 जून को मंच के बैनर तले भारतीय संविधान एवं हिन्दुत्व विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया है। प्रमुख वक्ता के रूप में प्रबुद्घ राष्ट्रीय विचारक पुष्पेंद्र कुमार को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने अपनी सहमति भी दे दी है। मंच के पदाधिकारियों ने 29 मई को जल संसाधन विभाग खारंग डिवीजन के ईई को पत्र लिखकर प्रार्थना सभा को कार्यक्रम के लिए आबंटित करने की मांग की थी।

विभाग ने प्रेरणा मंच को 18 जून को कार्यक्रम करने के लिए प्रार्थना सभाकक्ष को आवंटित करने के साथ में स्वीकृति भी जारी कर दिया था। मंच के पदाधिकारियों ने इसी के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। आमंत्रण पत्र छपवाने के लिए इसे बांटने का काम भी तरकीबन पूरा कर लिया था। इसके ठीक एक दिन पहले रविवार 17 जून को जल संसाधन विभाग ने ईई ने प्ररेणा मंच के पदाधिकारियों को पत्र जारी कर अपरिहार्य कारणों के चलते आवंटन रद करने की सूचना भेज दी है। विभाग द्वारा सभाकक्ष देने से इन्कार करने के बाद संघ के पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। संघ के पदाधिकारी इसे अच्छा संकेत नहीं मान रहे हैं।

तिलक नगर शिशु मंदिर में होगा आयोजन

प्रेरणा मंच ने कार्यक्रम स्थल को बदलते हुए अब तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया है। चूंकि आमंत्रण पत्र बांट दिया गया है। लिहाजा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा अब मोबाइल के जरिए अतिथियों व शहरवासियों को प्रार्थना सभाकक्ष के बजाय तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर कार्यक्रम स्थल आने का आग्रह कर रहे हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थल बदलने की सूचना भी दे रहे हैं।

एक चर्चा ऐसी भी

प्रेरणा मंच के पदाधिकारियों को जब ईई जल संसाधन विभाग की तरफ से प्रार्थना सभाकक्ष का आवंटन रद करने के संबंध में पत्र मिला तब पदाधिकारियों ने विभाग के एक आला अफसर से सीधी बात की । उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया पर इशारों ही इशारों में इतना जरूर कहा कि ऊपर के इशारे पर ऐसा किया गया है।

कौन हैं सुदर्शन

केएस सुदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह हैं। लंबे अरसे तक संघ प्रमुख की भूमिका में रहे हैं। राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ रही है। वे कुशल वक्ता के रूप में जाने जाते थे।

जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने सभाकक्ष आवंटित करने के बाद अचानक क्यों रद किया । इस संबंध में फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। अफसर से बात करने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है। - डॉ.एसके अलंग-कलेक्टर

आवंटन रद के पीछे क्या संदेश देना चाहते हैं सब समझ में आ रहा है। यह सीधा-सीधा विचारों की स्वतंत्रता पर हमला है। अभिव्यक्ति की आजादी होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में इस तरह की परंपरा कभी नहीं रही । राष्ट्रीय विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को पश्चिम बंगाल बनाने की कोशिश हो रही है। यहां भी कुछ इसी तरह की स्थिति निर्मित करने की कोशिश हो रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ.प्रफुल्ल शर्मा-संयोजक, सुदर्शन प्रेरणा मंच

Posted By: Nai Dunia News Network