बिलासपुर। नाम वापसी के बाद जो अंतिम स्थिति सामने आ रही है उसके अनुसार सबसे ज्यादा कोटा के क्षेत्र क्रमांक 17 करगीरोड सीट से उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से तीन उम्मीदवारों ने नाम वापस भी लिया है। अब जो बच गए हैं उनमें घमासान शुरू हो गया है। प्रत्याशी अभी से प्रचार में निकल गए हैं। यही हाल बिल्हा के क्षेत्र क्रमांक तीन में है। यहां से आठ उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी की अंतिम तारीख थी। नाम वापसी के बाद जो उम्मीदवार बच गए हैं उन्हें प्रतीक चिन्ह का आवंटन निर्वाचन कार्यालय ने कर दी है। अब चुनाव इन बचे हुए उम्मीदवारों के बीच होगा। नाम वापसी की तारीख समाप्त होते ही अब मतपत्रों की छपाई जैसे काम में निर्वाचन कार्यालय जुट गया है।

अंतिम स्थिति के अनुसार सबसे ज्यादा मारामारी कोटा के करगीरोड सीट पर है। यहां से बड़ी संख्या में उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जितने गांव उतने उम्मीदवार के हिसाब से यहां मारामारी मची है। कांग्रेस के पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह चौहान फिर अपनी पुरानी सीट से भाग्य आजमा रहे हैं। कांग्रेस के संदीप शुक्ला ने यहां नाम वापस ले लिया है। इसे कांग्रेस के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।

अब देखना यह होगा कि वो कितनी मदद पार्टी के समर्थित प्रत्याशी का करते हैं। इसके बाद भी इस सीट से कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता चुनाव मैदान में हैं जो एक दूसरे का वोट काट सकते हैं। नाम वापसी का समय बीतने के बाद जो बच गए हैं उनका प्रचार अभियान भी रात से ही शुरू हो गया है। प्रत्याशी चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। इसी तरह की स्थिति बिल्हा के क्षेत्र क्रमांक तीन में भी है।

यहां से कांग्रेस के इतने ज्यादा प्रत्याशी मैदान में कूद गए थे कि पार्टी ने किसी को भी अपना समर्थन नहीं दिया है। यही स्थिति भाजपा में भी है। दोनों ही पार्टी के बीच इस सीट के लिए घमासान मचा हुआ है। शहर और आसपास गांव के नेता इस सीट से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इसके कारण इसे भी जिला पंचायत की हाईप्रोफाइल सीट में से एक माना जा रहा है। यही हाल आरक्षित सीटों पर भी है। वहां भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।

कुल 137 उम्मीदवार डटे

जिला पंचायत के लिए कुल 157 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इसमें से दो उम्मीदवारों का नामांकन रद्द हो गया था। शेष बचे उम्मीदवारों में से 18 ने नाम वापस ले लिया। इस तरह अब कुल 137 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे हैं। इनके बीच कुल 22 सीटों के लिए मुकाबला होगा। निर्वाचन कार्यालय इसी हिसाब से अपनी तैयारी में लग गया है।

भारी विरोध में फंसे जिला पंचायत अध्यक्ष

जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 से जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक साहू की पत्नी प्रभा चुनाव मैदान में हैं। उन्हें जिला स्तर से भाजपा ने अपना समर्थित प्रत्याशी भी घोषित किया है। इसके बाद भी मंडल स्तर से भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपना अलग प्रत्याशी घोषित कर दिया है। यहां उनकी दावेदारी को लेकर भारी विरोध है। खुद उनकी पार्टी के कार्यकर्ता उनके सामने चुनौती पेश कर रहे हैं। भारी विरोध के बीच इस बार वे चुनाव मैदान में हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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