बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। जालसाजों ने महाधिवक्ता कार्यालय में पदस्थ उप सचिव संतोष देवांगन के नाम पर इंस्टाग्राम में फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलते ही अधिकारी ने अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट के माध्यम से लोगों को इसकी जानकारी दी। साथ ही फर्जी अकाउंट को बंद करा दिया गया है। उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को देकर मामले की जांच करने को कहा है।

तारबाहर क्षेत्र के हंसा विहार निवासी संतोष देवांगन महाधिवक्ता कार्यालय में उप सचिव हैं। उन्होंने बताया कि अज्ञात लोगों ने इंस्टाग्राम में उनके नाम पर अकाउंट बना लिया। इसमें जालसाजों ने अधिकारी की तस्वीर ही लगाई। इसके बाद उनके जान-पहचान वालों से रुपये की मांग करने लगे। जान-पहचान वालों ने इस संबंध में उन्हें फोन कर जानकारी दी। तब अधिकारी ने अपने नाम पर हो रही धोखाधड़ी के प्रयास की जानकारी अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट के माध्यम से लोगों को दी। साथ ही जालसाजों के बहकावे में नहीं आने की अपील की। इसकी जानकारी एसीसीयू को देकर फर्जी अकाउंट को बंद करा दिया गया है।

इंदौर से संचालित हो रहा नंबर

उप सचिव संतोष देवांगन ने बताया कि जालसाजों ने उनके परिचित के लोगों से रुपये मांगने के बाद गूगल पे का नंबर दिया। यह नंबर अधिकारी का नहीं होने पर लोगों को संदेह हुआ। अधिकारी ने पुलिस को नंबर देकर इसकी जानकारी जुटाई। तब पता चला कि गूगल पे का यह नंबर इंदौर से चल रहा है। इसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

अधिकारियों के अकाउंट बनाकर हो रही धोखाधड़ी

जालसाज बड़े अधिकारियों के नाम पर इंटरनेट मीडिया में फर्जी अकाउंट बनाकर धोखाधड़ी का प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले भी हाई कोर्ट के एक अधिकारी के नाम पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। इसमें चकरभाठा पुलिस ने मिजोरम में दबिश्ा देकर दो आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अन्य मामले भी सामने आए हैं।

Posted By: Abrak Akrosh

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