बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बुधवार रात हुई तेज बारिश के कारण शहर के दो दर्जन वार्डों में पानी भर गया। अरपा पार बंधवापारा, जोरापारा, कपिल नगर में तो घर के अंदर कमर तक पानी भर गया था। शुरू में अनदेखी कर रहे निगम अधिकारियों को जब इस आफत की हकीकत पता चली तो पूरे स्टॉफ को पानी निकासी के काम में लगाया गया। जेट मशीन, मड पंप आदि लगाकर पानी निकालने की कोशिश हुई। इसके बाद भी अधिकांश जगहों में शाम तक जलभराव की समस्या बनी रही। समय बीतने के साथ ही पानी खुद ब खुद बह गया।

शहर में बुधवार को देर रात तेज बारिश हुई, जो सुबह आठ बजे तक चलती रही। इस तरह सुबह-सुबह सड़कों और खाली जगहों पर पानी भरना शुरू हो गया था। हालात सात बजे के बाद खराब होना शुरू हुआ, जब सड़कों का पानी लोगों के घरों में घुसना शुरू हो गया। सुबह-सुबह दो दर्जन वार्डों में घरों में पानी घुसने की शिकायतें आनी शुरू हो गई थी। सबसे ज्यादा खराब स्थिति अरपा पार रही। वहां बंधवापारा,जोरापारा, चौबे कॉलोनी, अशोक नगर, कपिल नगर में भारी जलभराव होने से सड़क और घर में कमर तक पानी आ गया। इससे यहां रहने वालों में दशहत फैल गई। कई परिवारों ने अपने घर की महिलाओं और बच्चों को दूसरे मोहल्ले में अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था।

भारी जलभराव होने के कारण मोहल्लेवासी खुद राहत और बचाव के लिए कुछ नहीं कर पा रहे थे। नतीजतन लोगों ने निगम अधिकारियों को शिकायत और मदद की गुहार लगानी शुरू कर दी। इसके बाद आयुक्त प्रभाकर पांडेय ने सभी जोन कमिश्नर को अपने-अपने क्षेत्रों में दौरा करने और जल भराव की स्थिति पर तत्काल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तब जोन कमिश्नर, सफाई ठेकेदार लायंस कंपनी के कर्मचारियों को जल भराव की स्थिति पर काबू पाने काम में लगाया। जहां ज्यादा जल भराव की शिकायत थी, ऐसे जगहों पर दो डी वाटरिंग, तीन मड पंप और दो जेट पंप लगाकर पानी निकासी कर जल भराव की समस्या पर काबू पाया गया। पानी निकासी के लिए बड़े नालों की जेसीबी से सफाई कराई गई। निगम अमला के प्रयास से देर शाम तक जल भराव की स्थिति सामान्य हुई।

सफाई करने की झूठ से पर्दा उठा

नगर निगम का अमला और सफाई ठेकेदार कंपनी लायंस को बारिश से पहले ही बड़े नालों और नालियों की गहराई तक सफाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस निर्देश की आड़ में निगम का अमला सरकारी गाड़ियों में लाखों का डीजल तो डलवाता रहा, लेकिन सफाई नहीं की। यही कारण है जब तेज बारिश हुई तो शहर का बड़ा हिस्सा जलभराव की चपेट में आ गया। शहर के जगमल चौक, दयालबंद, बस स्टैंड, बंधवापारा, अशोक नगर, अज्ञेय नगर, गंगा नगर, इंदिरा विहार, नेहरू नगर, व्यापार विहार, कपिल नगर आदि क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई थी।

रेलवे की लापरवाही फिर बनी समस्या

गुरुनानक चौक के पास रेलवे ने अपने क्षेत्र के पानी को नदी तक भेजने के लिए नाला का निर्माण नहीं किया। इसका नतीजा यह हुआ कि बुधवार को जब बारिश हुई तो गुरुनानक चौक के पास घुटने से ऊपर तक पानी भर गया था। यहां सड़क किनारे मौजूद कुछ दुकानों के अंदर पानी भर गया। इस रास्ते से रेलवे स्टेशन जाने वाले सुबह जल भराव के कारण सड़क पार नहीं कर पा रहे थे। कार और छोटी गाड़ियां दोनों तरफ रुक गई थीं। मजबूरन लोगों को वैकल्पिक मार्ग से रेलवे स्टेशन जाना पड़ा।

जगमल चौक में तनाव, कब्जाधारी ने किया नाला जाम

जगमल चौक के पास एक पेट्रोल पंप संचालक ने नाला की जमीन को कब्जा कर लिया था। उसने पानी निकासी के लिए यहां नाला को पाटकर पतला सा पाइप लगा दिया था। लोगो के विरोध पर उसने पाइप तो निकाल दिया, लेकिन नाले को सकरा कर दिया। बुधवार की रात जब तेज बारिश हुई तो शिवाजी नगर,जगमल चौक,बर्फ फैक्टरी के पास पानी भर गया। लोगों ने पहले भी इसी स्थिति की आशंका निगम अधिकारियों के सामने जताई थी, इसके बाद भी बरती गई लापरवाही से उनका गुस्सा भड़क गया। नाराज लोग सड़क जाम करने पर ऊतारू हो गए थे। हालात की जानकारी होने पर आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और जाम नाले की सफाई कराई। आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि सकरा कर दिए गए नाले को फिर से उसके वास्तविक चौड़ाई में लाया जाएगा। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।

सामुदायिक भवन में करनी पड़ी भोजन की व्यवस्था

शहर का बंधवापारा क्षेत्र जलभराव से सर्वाधिक प्रभावित हुआ। इस दौरान कच्चे मकानों और झोपड़ी में पानी भर जाने से प्रभावितों को सामुदायिक भवन में ठहराना पड़ा। हालात को देखते हुए निगम प्रशासन व दावत ए आम एनजीओ की ओर से प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। देर शाम तक जिला प्रशासन व निगम अमला क्षेत्र में पानी निकासी संबंधित कार्य में लगा हुआ था।

खेत फोड़ने और तालाब बांधने से आई दिक्कतें

बंधवापारा में जल भराव की स्थिति बनने का एक कारण बिरकोना के किसानों को भी माना जा रहा है। रात हुई तेज बारिश से उनके खेत पूरी तरह भर गए थे। सुबह जब उन्हें हालात की जानकारी हुई तो अतिरिक्त पानी बहाने के लिए ज्यादातर किसानों ने खेत के मेढ़ फोड़ दिए। यही पानी एक साथ बंधवापारा में आ घुसा। यही कारण है कि बंधवापारा, जोरापारा क्षेत्र में सुबह आठ बजे के बाद घरों में पानी घुसना शुरू हुआ। उससे पहले बारिश के कारण सड़क ही डूबी थी। इसी तरह मछली पकड़ने वालों ने चिंगराजपारा समेत शहर के अन्य तालाबों से पानी निकलने वाले रास्ते को बंद कर दिया था। इससे पानी निकासी रुक गई। इसका असर आसपास मोहल्ले में पानी भरने के रूप में सामने आया। निगम अमले को जब स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी दी तो तालाब के मेढ़ को फोड़कर अतिरिक्त पानी निकासी की व्यवस्था बनाई गई। इसके बाद प्रभावित जगहों पर जल स्तर कम होना शुरू हुआ।

जल भराव क्षेत्र में सुबह से शाम तक निरीक्षण

जलभराव के कारण हालात बेकाबू होता देख कलेक्टर और कमिश्नर भी शहर में हालात का जायजा लेने के लिए निकले। निगम कमिश्नर तो शाम तक शाम सभी प्रभावित जगहों पर निरीक्षण कर पानी निकासी की व्यवस्था कराते हुए दिखे। आयुक्त के लगातार शहर भ्रमण करने से निगम के दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी पानी निकासी की व्यवस्था होने पर शहर के विभिन्न वार्डों में भ्रमण करते रहे। सुबह से शाम तक कंट्रोल रूम को 16 शिकायतें जल भराव की मिली। निगम कमिश्नर पाण्डेय ने कंट्रोल रूम से प्राप्त जल भराव संबंधित किसी भी समस्या पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित जोन कमिश्नरों को दिए हैं।