बिलासपुर। हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में बुधवार को शहर के जाने माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. एलसी मढ़रिया ने आंखों की समस्या से जुड़े पाठकों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंखें अनमोल हैं। अब छोटी उम्र में ही आंखों में समस्या आने लगी है। उन्होंने कहा कि आज कल छोटे बच्चे दिनभर मोबाइल, कम्प्यूटर, टीवी से चिपके हैं। अभिभावक भी व्यस्त होने की वजह से बच्चों को रोक नहीं पाते। इसका बच्चों की आंखों पर गंभीर असर पड़ता है। बचपन से ही सिरदर्द की समस्या के साथ ही आंखें कमजोर हो जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को मोबाइल,कम्प्यूटर, टीवी से दूर रखा जाए। दिन में दो घंटे से ज्यादा इनका उपयोग न करने दें। इस तरह बच्चों की आंखें सुरक्षित व स्वस्थ्य रहेंगी।

बुधवार की दोपहर 12 बजे से एक बजे तक डा. मढ़रिया नईदुनिया के कार्यालय में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने हेलो डाक्टर कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने पाठकों की नेत्र संबंधित समस्याओं पर परामर्श दिया। डा. मढ़रिया ने बताया कि आंख मानव शरीर का बेहद संवेदनशील अंग है। यदि यह खराब हो गया तो पूरा जीवन अंधकार मय हो जाता है। इसलिए आंखों के प्रति किसी को भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। आंख में कुछ भी समस्या आए तो उसके हल्के में बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए। तत्काल जांच करानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने आंखों से संबंधित बीमारियों में मोतियाबिंद, कांचबिंद, धुंधला देखना, आंखों की कमजोरी, आंख की नसों में खराबी, सफेद-सफेद दिखना, पास का न दिखना, आंख से आंसू आना, आंखों के ऊपर उठने वाले दर्द, डायबिटीज से आंखों पर असर और अंधत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए पाठकों की जिज्ञासा को शांत की।

डायबिटीज के 20 प्रतिशत मरीज हो जाते है अंधत्व के शिकार

डा. मढ़रिया ने बताया कि देश में छह करोड़ लोग डायबिटीज से ग्रसित हैं। हर 10 सेकेंड में एक पीड़ित की मौत होती है और हर 10 सेकेंड में एक व्यक्ति डायबिटीज से ग्रसित होता है। देश में हर साल 30 लाख लोग डायबिटीज से ग्रसित होते हंै। यह एक भयावह स्थिति है। डायबिटीज के 20 प्रतिशत मरीज अंधत्व के शिकार भी हो जाते है। इसलिए डायबिटीज की वजह से होने वाले अंधत्व से बचने के लिए हर छह माह में डायबिटीज के मरीज को आंखों की जांच करानी चाहिए। इसी के माध्यम से डायबिटीज की वजह से होने वाले अंधत्व को रोका जा सकता है।

मोतियाबिंद सर्जरी कराने में न करें विलंब

डा. मढ़रिया ने बताया कि कई लोग सर्जरी के लिए मोतियाबिंद पकने का इंतजार करते हैं। इस बेवजह की देरी के कारण कई मरीजों का मोतियाबिंद फट जाता है और वे कांचबिंद का शिकार हो जाते हैं। इससे आंखे खराब हो जाती हैं। यदि समय पर मोतियाबिंद की सर्जरी हो जाती है तो आंखों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।

कम से कम 20 इंच की दूरी से देखें मोबाइल व कम्प्यूटर

डा. मढ़रिया ने बताया कि आज कल बच्चे लगातार मोबाइल, कम्प्यूटर और टीवी देखते हैं। इसका असर उनकी आंखों पर पड़ता है। सिर दर्द की समस्या के साथ ही बचपन से ही आंखों में खराबी आ जाती है। ऐसे में बच्चों को दिन में ज्यादा से ज्यादा दो घंटे तक ही इनका उपयोग करने दंे। इसके अलावा मोबाइल, कम्प्यूटर से कम से कम 20 इंच की दूरी होनी चाहिए।

पाठकों के सवाल और डा. मढ़रिया के जवाब

प्रश्न- कुछ दिनों से धुंधला दिखाई दे रहा है।

मीरा सोनी, बिलासपुर

उत्तर- कई बार कमजोरी की वजह से भी ऐसा होता है। ज्यादा गर्मी के कारण भी इस तरह की शिकायत होती है और आंखें में इनफेक्शन हो जाता है। सामान्य आई ड्राप लेकर डाले राहत मिलेगी।

प्रश्न- आंखों में थकावट व भारीपन रहता है।

अमन बजाज, बिलासपुर

उत्तर- सामान्य शारीरिक कमजोरी की वजह से कई बार आखों में थकावट व भारीपन की शिकायत होती है। सामान्य आई ड्राप का उपयोग करंे। ठीक न होने की दशा में डाक्टर से जांच कराएं।

प्रश्न- सफेद धब्बे नजर आते हैं।

मान सिंह, सूरजपुर

उत्तर- यह मोतियाबिंद का लक्षण है। ऐसे में धुंधलापन के साथ सफेद-सफेद नजर आता है। एक बार जांच कराएं। मोतियाबिंद निकल सकता है। इसका उपचार आसानी से हो जाएगा।

प्रश्न- दूर का देखने में दिक्कत होती है।

लेखराम सिंगरौ, पथरिया

उत्तर- उम्र बढ़ने के साथ इस तरह की शिकायत होना आम है। एक बार आंख की जांच कराएं। मोतियाबिंद हो सकता है या फिर आंखों में चश्मा लगेगा। जांच से इसकी पुष्टि हो जाएगी।

प्रश्न- मोतियाबिंद की शिकायत है।

विमला शुल्का, बिलासपुर

उत्तर- मोतियाबिंद है तो डाक्टर से जांच कराएं और जितना जल्दी हो सकते फेको पद्धति से सर्जरी कराएं। मोतियाबिंद पकने का इंतजार न करंे। कई बार इसके गंभीर परिणाम सामने आते हंै।

प्रश्न- धुंधला दिखाई देता है। आंखों में कमजोरी आ रही है।

सर्वेश्री गुप्ता, अंबिकापुर

उत्तर- शारीरिक कमजोरी की वजह से भी आंखों में कमजोरी आ जाती है। इससे देखने की शक्ति पर असर पड़ता है। इसी वजह से धुंधला दिखाई देता है। एक बार जांच कराएं। इलाज से समस्या खत्म हो जाएगी।

प्रश्न- एक सप्ताह से आंखों में पानी आ रहा है।

घनश्याम साहू, सिरगिट्टी

उत्तर- ऐसा आई इनफेक्शन की वजह से होता है। किसी चीज को ध्यान से देखने पर आंखों से पानी निकलने लगता है। जांच कराएं। डाक्टर के लिखे आई ड्राप से यह समस्या जल्द ही खत्म हो जाएगी।

प्रश्न- धुंधला दिखता है और आंखों में दर्द होता है।

अमरजीत सिंह, बिलासपुर

उत्तर- धुंधला दिखना तो कमजोरी की वजह से होता है। लेकिन आंखों में दर्द बना हुआ है तो एक बार आंखों की जांच कराएं। हो सकता है चश्मा लगे। इससे समस्या पूरी तरह से ठीक हो जाएगी।

प्रश्न- नजदीक का दिखना कम हो गया है।

जितेंद्र यादव, कोरबा

उत्तर- उम्र बढ़ने के साथ इस तरह की शिकायत होती है। अखबार पढ़ने व नजदीक का देखने में परेशानी होती है। चश्मा लगने के लक्षण हैं। जांच कराएं, चश्मा लगने के बाद समस्या दूर हो जाएगी।

प्रश्न- आंख में तिरछापन है।

आस्था शुक्ला, बिलासपुर

उत्तर- आंखें जन्मजात तिरछी होती हैं या फिर नस के कारण ऐसा होता है। एक बार जांच कराएं। यदि नस के कारण आंखें तिरछी हुई हैं तो इसे सर्जरी के माध्यम से सीधा किया जा सकता है।

प्रश्न- आंखों का नंबर लगातार बढ़ रहा है।

सागर बजाज, सरकंडा

उत्तर- लगातार आंखों का नंबर बढ़ना गंभीर बात है। एक बार आंखों की जांच कराएं। उसी से पता चल पाएगा कि नंबर क्यों बढ़ रहा है। देरी न करें। समय पर जांच कराने से समस्या खत्म हो जाएगी।

प्रश्न- मोतियाबिंद है।

आजाद मिश्रा, बिलासपुर

उत्तर- मोतियाबिंद है तो इसका एक ही इलाज सर्जरी है। फेको पद्धति से इसकी सर्जरी हो जाएगी। सर्जरी कराने में देरी न करंे। मोतियाबिंद पकने का इंतजार बिल्कुल न करें। जल्द से जल्द सर्जरी कराएं।

प्रश्न- सालभर से धुंधला नजर आ रहा है।

रतन गौरहा, पामगढ़

उत्तर- धुंधला दिखना कुछ दिनों की शिकायत रहती है। यदि सालभर से यह समस्या बनी हुई है तो एक बार जांच कराएं। मोतियाबिंद के आसार हैं। अन्य समस्या भी होगी तो वह ठीक हो जाएगा।

प्रश्न- कांचबिंद है। एक आंख चली गई है।

शालनी दुबे, मुंगेली

उत्तर- कांचबिंद अक्सर दोनों आंख में होता है। यदि एक आंख इससे चली गई है तो दूसरे आंख में कांचबिंद का पता लगाएं। इसे गंभीरता से लंे, समय रहते दूसरी आंख को बचाया जा सकता है।

प्रश्न- चश्मा लगने के बाद भी धुंधला दिखता है।

अमृतेश विश्वकर्मा

उत्तर- हो सकता है जांच के दौरान चश्मे का नंबर सही नहीं दिया गया हो। एक बार अपने नंबर की जांच कराएं, सही नंबर का चश्मा बनवाएं, फिर धुंधलापन दिखने की समस्या नहीं होगी।

प्रश्न- शुगर की समस्या है। आंख में दर्द होता है।

नरेश गोयल, पेंड्रा

उत्तर- शुगर मरीजों को आंखों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शुगर अंधत्व का कारण बनता है। आंख की नस डेमेज हो सकती है, तत्काल जांच कराएं। समस्या को खत्म किया जा सकता है।

प्रश्न- आंखों में खुजली होती है और लालपन बना रहता है।

अंकिता कौशिक, बेलगहना

उत्तर- आंखों में खुजली होना और लाल हो जाना किसी आई एलर्जी की वजह से होता है। एक बार जांच कराएं। दवाओं और आई ड्राप के माध्यम से यह समस्या दूर हो जाएगी।

प्रश्न- आंखों में खुजली होता है और ड्राय हो जाता है।

शबीना खान, बिलासपुर

उत्तर- आमतौर पर आंखों में खुजली होने की वजह किसी प्रकार की एलर्जी होती है। आंखों का ड्राय होना गंभीर है। इसलिए जांच कराएं, इसी से इसका इलाज पूरी तरह संभव हो सकेगा।

प्रश्न- मेरी बच्ची की आंखों का नंबर बढ़ता ही जा रहा है।

आशा जितपुरे, तिफरा

उत्तर- कई बार शारीरिक दुर्बलता के कारण भी आंख का नंबर बढ़ता जाता है। पौष्टिक आहार दें। गाजर, पपीता और हरी सब्जी का सेवन कर शरीर मजबूत बनाएं। समस्या खुद बखुद खत्म हो जाएगी।

प्रश्न- आंखों को कैसे स्वस्थ रखें।

थानुराम साहू, लोरमी

उत्तर- शरीर को स्वस्थ रखें, आंखें भी स्वस्थ रहेंगी। इसके अलावा फल के साथ ही हरी सब्जी का ज्यादा सेवन आंखों के लिए अच्छा होता है। आंखें इससे पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएगी।

प्रश्न- बाईं आंख से पानी निकलता है और धुंधला दिखता है।

कमलकांत मिश्रा, बिरकोना

उत्तर- यदि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो एक बार जांच कराना अच्छा होगा। लंबे समय से इनफेक्शन बने होने की वजह से स्थाई समस्या हो गई है। जांच से इसका इलाज हो जाएगा।

प्रश्न- छोटा अक्षर दिखाई नहीं देता है।

कुशलदीप लहरे, कोटमी

उत्तर- उम्र बढ़ने के साथ ऐसा होता है। संभवत चश्मा लगेगा। एक बार आंखों की जांच कराएं। चश्मा लगने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। अखबार, पुस्तक आदि पढ़ने में दिक्कत नहीं होगी।

प्रश्न- सिर दर्द होता है।

कविता बेहरा, बिलासपुर

उत्तर- लंबे समय से सिर दर्द की समस्या होना आंखों के नंबर बढ़ने का संकेत है। आंख की जांच कराएं। चश्मा लगने के बाद सिर दर्द होने की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close