बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कानन पेंडारी जू में शनिवार सुबह चीतलों में भिड़ंत हो गई। इसमें एक नर चीतल की मौत हो गई। सप्ताहभर में दूसरी घटना से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं एक बार फिर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। जबकि मृत चीतल का पोस्टमार्टम कर जू परिसर में जलाया गया है।

घटना सुबह 9.30 बजे की है। इस समय तक अफसर तो नहीं पहुंचते। लेकिन जूकीपर से लेकर अन्य कर्मचारी ड्यूटी पर आ जाते हैं। सभी जूकीपर केज का जायजा लेने के साथ- साथ वन्यप्राणियों को भी देखते हैं। इसी बीच जब चीतल केज का जूकीपर पहुंचा तो देखा कि चीतलों के बीच भिड़ंत हो रही है। वे केज के अंदर पहुंचे तब तक एक नर ने दूसरे को घायल कर दिया था। वह अचेत जमीन पर पड़ा था। उन्होंने इसकी जानकारी जू अफसरों के अलावा पशु चिकित्सक को दी। आनन- फानन में सभी जू पहुंचे। जांच में पता चला कि चीतल की मौत हो चुकी है। ऐसी स्थिति में उसे बाहर निकाला गया। इसके बाद जू के अस्पताल में पशु चिकित्सक ने पोस्टमार्टम किया। आनन-फानन में पोस्टमार्टम के बाद शव को जला दिया गया। जू प्रबंधन पूरे समय मामले को दबाने का प्रयास करता रहा। मालूम हो कि सप्ताहभर पहले एक मादा शुतुरमुर्ग की मौत हुई थी। यह घटना भी लापरवाही के कारण हुई है। समय पर शुतुरमुर्ग को इलाज नहीं मिल सका।

क्षमता से अधिक चीतल, विभाग बेपरवाह

इस घटना की मुख्य वजह केज में क्षमता से अधिक चीतल होना है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण का नियम है कि जू में 50 से अधिक चीतल नहीं रखना है। इससे अधिक संख्या होने पर उसकी शिफ्टिंग का आदेश है। लेकिन जू में सालों से शिफ्टिंग नहीं हुई है। इसके चलते लगातार संख्या में इजाफा हो रहा है।

डीएफओ को जानकारी नहीं

इस संबंध में डीएफओ सत्यदेव शर्मा का पक्ष जाना गया। लेकिन उन्होंने यह कह दिया कि किसी ने मुझसे इसकी जानकारी नहीं दी है। इस पर जू अधीक्षक से बात की गई लेकिन उन्होंने घटना से ही इन्कार कर दिया। उनका कहना है कि इस मामले की छानबीन करने रविवार को जू का जायजा लिया जाएगा।