बिलासपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अग्निपथ को लेकर अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर में विरोध का माहौल खड़ा करने की योजना बनाई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर के जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों को पत्र लिखकर 27 जून को विधानसभा मुख्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह करने का निर्देश दिया है। पीसीसी के पत्र की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विधानसभा मुख्यालयों मेें होने वाले सत्याग्रह में अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही दिग्गज कांग्रेसी नेताओं की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है।

पीसीसी ने जिला व शहर अध्यक्षों को लिखे में पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित अग्निपथ योजना से सशस्त्र बलों की लंबे समय से चली आ रही परंपराओं एवं लोकाचार को नष्ट करने और उनके मनोबल का अवमूल्यन करने के कारण पूरे देश में विरोध हो रहा हैं। केंद्र सरकार बिना किसी व्यापक परामर्श के इस गलत नीति को जिस तरह से थोपा गया है उससे बडी संख्या में युवक नाराज हैं जो सशस्त्र बल में शामिल होने का सपना देख रहे थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए लडने की अपनी गौरवपूर्ण विरासत को लेकर पहले दिन से ही इस योजना का विरोध किया है।

पार्टी ने इसके विरोध में 20 जून को जंतर-मंतर और विभिन्न् राज्यों में भी शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। अग्निपथ योजना के खिलाफ हमारी अडिग लडाई को जारी रखते हुए दूसरे चरण में प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 27 जून को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक विधानसभा क्षेत्र के विधायक सहित वरिष्ठ नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों की उपस्थिति में शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया जाना है।

इनकी मौजूदगी को किया अनिवार्य

स्थानीय प्रदेश पदाधिकारियों,सांसद,पूर्व सांसद प्रत्याशी, विधायक,पूर्व प्रत्याशी, पूर्व विधायकों, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष,पदाधिकारियों, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ, विभाग के जिला, ब्लाक पदाधिकारियों इंटरनेट मीडिया के प्रशिक्षित सदस्यों, नगरीय निकाय, त्रि-स्तरीय पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कांग्रेसजनों की उपस्थिति को अनिवार्य किया है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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