बिलासपुर। Bilaspur News: सरगुजा रेंज के नव पदस्थ आइजी आरपी साय ने कहा कि पुलिस का काम अपराध व अपराधियों पर नियंत्रण रखना है। गुंडे, बदमाशों पर त्वरित कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता में है। थाने में कोई फरियादी पहुंचे और उसकी शिकायत पर अपराध दर्ज हो और तत्काल उसे रिपोर्ट की नकल उपलब्ध हो ऐसी व्यवस्था की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं।

सरगुजा पुलिस रेंज में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने हमने कार्य योजना बनाई है। पदस्थापना के तत्काल बाद मैंने बलरामपुर व जशपुर जिले के नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्र में दौरा कर स्थिति की जानकारी भी ले ली है। सरगुजा पुलिस रेंज में कानून व्यवस्था बेहतर हो इसके लिए मैं खुद आगे आकर काम करूंगा। पुलिस अधिकारी कर्मचारी यदि अच्छा काम करते हैं तो उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाएगा और पुलिसिंग के विपरीत कार्य करने पर सजा भी मिलेगी।

नशे का कारोबार पर जिस तरह कार्रवाई पूर्व के आइजी ने कराई है यह सिलसिला जारी रहेगा। नागरिकों से मिली सूचनाओं के बाद पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी। आइजी आरपी साय शनिवार को स्थानीय पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर में पत्र वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

आइजी साय ने कहा कि आपसी सामंजस्य और मीडिया के साथ नागरिकों से सीधा संपर्क होने पर ही पुलिस को सफलता मिलती है। मैं सरगुजा पुलिस रेंज के सूरजपुर जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुका हूं। इसका मुझे अच्छा अनुभव भी है। सरगुजा रेंज को मैं भली-भांति समझता हूं। सरगुजा मेरे लिए नया नहीं है, इसलिए कामकाज को समझने और करने में मुझे दिक्कत नहीं आएगी। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मैंने पदस्थापना के बाद सभी पुलिस जिलों में जाकर कानून व्यवस्था को समझा है। खासकर बलरामपुर जिले के नक्सल प्रभावित सीमावर्ती जिले में भी मैं पहुंचा और पुलिस अधीक्षकों से चर्चा कर नक्सली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने और योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने की योजना मैंने बनाई है। आइजी साय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में वाहनों की चोरी व चोरी की अन्य घटनाओं पर अंकुश लगाना भी पुलिस की प्राथमिकता में है।

रात्रि गश्त बढ़ेगी, पुलिस को चुस्ती के साथ काम करना पड़ेगा। फरियादियों को बिना भय के थाने आकर अपनी बातें रखनी होगी। थानों में बेहतर व्यवस्था हो इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। वरिष्ठ अधिकारी थानों की व्यवस्था का निरीक्षण तो करेंगे ही मैं स्वयं समय-समय पर इसकी जानकारी लेकर को व्यवस्था को मजबूत करने का काम करूंगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा, एएसपी ओम चन्देल, सीएसपी एसएस पैकरा, एसडीओपी चंचल तिवारी उपस्थित थे।

कोई भी कभी भी मिल सकता है मुझसे

आइजी साय ने कहा कि कोई भी मुझसे कभी भी आकर मिल सकता है। आम नागरिक हो या फिर पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी, मेरे दफ्तर में आकर या फिर मेरे शासकीय मोबाइल नंबर पर सीधे संपर्क कर अपनी समस्याएं बता सकता है।

थाने में फरियादी के साथ होगा अच्छा व्यवहार

रेंज के आइजी ने कहा कि थाने में फरियादियों के साथ किसी तरह की दुर्व्यवहार की शिकायत आने पर कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी सूरत में फरियादी से दुर्व्यवहार नहीं होना है। पहले भी निर्देश दिए जा चुके हैं कि थाने में कोई फरियादी आता है तो उसे बिठाएं और पानी पूछें। उसकी समस्या जाने, यदि रिपोर्ट दर्ज कराने आया है तो रिपोर्ट दर्ज कर उसे तत्काल उसकी कापी भी दें।

जांच चल रही है इसलिए लाइन में हैं निरीक्षक

एक सवाल के जवाब में आइजी साय ने कहा कि निरीक्षकों के रहते जिले के थानों में उप निरीक्षकों को थाना प्रभारी बनाने के पीछे कई कारण होते हैं। लाइन में जितने भी निरीक्षक हैं, उनके विरुद्ध विभागीय जांच चल रही होती है। इसलिए उन्हें थाना की जिम्मेदारी नहीं दी जाती। वहीं कई ऐसे निरीक्षक होते हैं जो थाना संभालने में रुचि नहीं रखते।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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