बिलासपुर।Corona News in Bilaspur: कोरोना की तीसरी लहर के दौरान बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों को इससे बचाने की कवायद अभी से शुरू कर दी गई है। इसके तहत जिले के 16 निजी अस्पतालों के चयन कर लिया गया है, जहां पर बच्चों के लिए 433 बेड की सुविधा रहेगी।

चिकित्सा विशेषज्ञ यह कह चुके हैं कि तीसरी लहर में 10 साल से नीचे वाले बच्चे कोरोना वायरस को लेकर संवेदनशील रहेंगे। इसकी मुख्य वजह अभी तक इनके लिए कोरोना टीका का नहीं होना है। क्योंकि तीसरी लहर आने के दौरान तक 18 साल से ऊपर आयु वर्ग वाले 70 प्रतिशत को टीका लग चुका होगा।

वहीं 10 से 17 साल तक के किशोर का यहां माना जाता है कि इनका रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छा रहता है। ऐसे में इन्हें वायरस इतना नुकसान नहीं कर सकते हैं, लेकिन 10 साल से नीचे उम्र वर्ग वाले बच्चों का रोग प्रतिरोधक क्षमता इतना अच्छा नहीं रहता है और ये टिकाकरण के दायरे से बाहर है। ऐसे में ये कोरोना का आसान शिकार बन सकते हैं।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर ही बच्चों के लिए अभी से अस्पताल अपडेट किया जा रहा है। इसी के तहत 16 निजी अस्पताल में 433 बेड रखे गए हैं। जैसे ही कोरोना की तीसरी लहर आएगी। इन अस्पतालों को सक्रिय कर दिया जाएगा।

कुपोषण वाले बच्चों की तैयार हो रही लिस्ट

आशंका है कि कमजोर बच्चों पर कोरोना बड़े आसानी से हमला करेगा। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों को पहले से ही सलाह दे दी है कि वे अपने बच्चों को संतुलित भोजन देकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। इसके साथ ही कुपोषण वाले बच्चों का लिस्ट तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें भी संतुलित भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण से बाहर निकाला जा सके।

Posted By: anil.kurrey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags