बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। अचानकमार टाइगर रिजर्व के बफर जोन से भी ट्रैप कैमरे निकाल लिए गए हैं। अब सभी कैमरो के चिप में आए फोटो को सिस्टम में सेव करने का काम चल रहा है। इसमें कम से कम 15 से 20 दिन का समय लगेगा। दरअसल 10 हजार से अधिक फोटो कैद हुए हैं। सिस्टम में एक फाइल बनाकर फोटा सेव किए जा रहे हैं। इसके बाद ही इन्हें डब्ल्यूडब्ल्यूआई को भेजी जाएगी। डब्ल्यूडब्ल्यूआई फोटो के आधार पर बाघ समेत अन्य वन्य प्राणियों के आंकड़ा बताएगी।

टाइगर रिजर्व में हुई यह गणना चार साल में एक बार होती है। इसलिए इसे वृहद स्तर पर आयोजित की गई थी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन के पास कैमरे कमी के कारण दो चरणों में गणना कर कोर जोन व बफर जोन में इस प्रक्रिया को पूरी की गई। इसके तहत पहले कोर जोन में इन कैमरों को लगाए गए।

25 दिन बाद कैमरे निकालकर उसे बफर जोन में लगाए गए हैं। 15 जनवरी को यहां भी 25 दिन की अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद सभी रेंज से कैमरे और उनमें लगे चिप को कार्यालय में जमा किया गया। अब यहां कर्मचारी बारी- बारी चिप को कम्प्यूटर में सेव कर रहे हैं। इसके लिए अलग फोल्डर भी बनाया गया।

इसमें फोटो सेव होते जाएंगे। जब यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद पूरी फोटो भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्यूडब्ल्यूआइ) को भेज दी जाएगी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार इस बार गणना बेहतर ढंग से हुई और बाघों की तस्वीर भी कैद हुई। इसलिए उम्मीद है कि इस बार बाघों की संख्या बढ़ेगी। अब तक जो आंकड़ा है, उसके मुताबिक टाइगर रिजर्व में केवल पांच बाघ है।

Posted By: anil.kurrey

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